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वरिष्ठ नागरिकों को हरिद्वार से पहले जाना होगा लखनऊ
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Mon, 02 Feb 2015 12:52 AM IST
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प्रदेश सरकार की हरिद्वार-ऋषिकेश फ्री तीर्थयात्रा योजना के नियम बुजुर्गों के लिए दुखद अहसास साबित होने वाले हैं। नियमों के मुताबिक इस योजना का लाभ लेने के लिए बुजुर्गों को पहले लखनऊ जाना होगा।
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फ्री यात्रा की ट्रेन लखनऊ से ही रवाना होगी। वेस्ट यूपी समेत दूरदराज के बुजुर्गों की बात करें तो हरिद्वार जाने के खर्च का दोगुना तो लखनऊ पहुंचने में ही लग जाएगा।
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ऐसे में यह योजना फायदेमंद कम, तुगलकी फरमान अधिक साबित हो रही है। शासन ने गरीबों को फ्री में तीर्थयात्रा कराने की योजना बीते साल जारी की थी।
इसमें 50 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को स्लीपर क्लास में हरिद्वार-ऋषिकेश की फ्री यात्रा कराई जा रही है। यात्रा के दौरान चाय नाश्ता आदि भी दिया जाता है। एक व्यक्ति अपने जीवन में एक बार इसका फायदा उठा सकता है।
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इसके लिए एक बार में 1044 यात्रियों को ले जाया जाता है। सरकार की इस योजना में मुख्य खामी ट्रेन का लखनऊ से रवाना होना है। लखनऊ तक का किराया बुजुर्गों को खुद वहन करना होगा।
गाजियाबाद से लखनऊ तक स्लीपर क्लास का किराया 325 रुपये है, जबकि हरिद्वार का 170 रुपये। ऐसे में बुजुर्ग 325 रुपये खर्च करके लखनऊ पहुंचेंगे, तब उन्हें 170 रुपये का फायदा होगा।
साथ ही दोगुना समय भी लगेगा। योजना का लाभ लेने के लिए डीएम के यहां आवेदन करना होगा। लेखपाल-तहसीलदार की स्वीकृति के बाद स्वीकार किया जाएगा। डीएम लखनऊ नाम भेजेंगे, वहां से अनुमति मिलने के बाद ही बुजुर्गों को इसका फायदा मिलेगा।
बुजुर्गों को हरिद्वार में उतारने के बाद शासन की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। ऐसे में बुजुर्गों को एक अटेंडेंट ले जाना होगा। इसे शासन की ओर से चाय-नाश्ते में कोई सुविधा नहीं मिलेगी।