सेमी फाइनल और फाइनल पर है तगड़ा सट्टा!
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क्रिकेट वर्ल्ड कप को लेकर शहर में सट्टेबाज भी 'खेल' खेल रहे हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो सेमीफाइनल्स और फाइनल पर तगड़ा सट्टा लगा है। इंडिया और न्यूजीलैंड सट्टेबाजों की पहली पसंद बने हैं। सट्टेबाजी मोबाइल कांफ्रेंसिंग के जरिये की जा रही है। हालांकि इस बार अभी तक पुलिस एक भी सट्टेबाज को पकड़ नहीं सकी है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि सट्टेबाजों के मोबाइल पर रिकॉर्डर लगा होता है, जिसे सट्टेबाज सुनते रहते हैं। वह बुलेटिन की तरह बोलता है। किस पर कितना सट्टा लगा है, यह भी बताता रहता है। बुलेटिन की तरह बोलने वाले मोबाइल को सट्टेबाजी की भाषा में 'डिब्बा' कहते हैं। सट्टेबाजी का दांव हर गेंद और हर शॉट पर लगता है। हर गेंद के बाद रेट घटते-बढ़ते रहते हैं।
मोबाइल कांफ्रेंसिंग के जरिये लगाया जा रहा सट्टा
पिछली बार पकड़े गए सट्टेबाजों के गैंग ने खुलासा किया था कि सट्टेबाज को सट्टा लगाने से पहले तीन हजार रुपये का मोबाइल कनेक्शन लेना पड़ता है। उस नंबर को सट्टेबाजों के नंबर से कनेक्ट किया जाता है। इसकेबाद वह बोली लगा सकता है, रेट सुन सकता है। इसके अलावा सट्टा खेलने के लिए उस व्यक्ति को गारेंटर की भी जरूरत पड़ती है। गारेंटर वह व्यक्ति होता है, जो सट्टा खेल रहा है और उसे सट्टेबाज जानते हैं। तभी उसे सट्टेबाजों के ग्रुप में शामिल किया जाता है।
बता दें कि पिछले चार सालों में पकड़े गए 79 सट्टेबाजों ने न सिर्फ इस गोरखधंधे का खुलासा किया, बल्कि ये भी बताया कि सट्टेबाजी के तार दुबई से जुड़े होते हैं। बावजूद इसके इनमें से कोई भी सट्टेबाज अब जेल की सलाखों में नहीं है। इस संबंध में एसपी सिटी अजयपाल का कहना है कि अभी कोई पुख्ता सूचना नहीं मिली है। जैसे ही सूचना मिलेगी पुलिस तुरंत एक्शन लेगी।