सीमापुरी आईईडी मामला: पुलिस ने तैयार किए दो संदिग्धों के स्केच, खुद को छात्र बताकर किराए पर लिया था कमरा
आरोपी सीमापुरी के मकान में इस आईईडी को क्यों छोड़ गए इसका पता नहीं चला है। कहीं ऐसा तो नहीं कि आरोपी फरार होते समय अपने साथ कोई और तैयार आईईडी ले गए हैं। इसलिए पुलिस की चिंता अभी भी बढ़ी हुई है। आरोपियों ने अपनी पहचान के लिए जो दस्तावेज दिए थे, वह भी फर्जी निकले हैं।
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दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने सीमापुरी के मकान में आईईडी मिलने के मामले में दो संदिग्ध युवकों के स्केच तैयार कर लिये हैं। इन स्केच के आधार पर पुलिस आरोपी लड़कों की तलाश कर रही है। हालांकि फिलहाल स्केच मीडिया और पब्लिक को उपलब्ध नहीं करवाए गए, लेकिन पुलिस जल्द ही इनको सांझा करने पर विचार कर रही है। मकान मालिक हाशिम और कमरा दिलवाने वाले प्रॉपर्टी डीलर शमीम अहमद उर्फ शानू से पुलिस की टीमें लगातार पूछताछ कर रही है। आरोपियों ने बताया है कि संदिग्ध लड़कों ने खुद को छात्र बताकर उनसे कमरा लिया था। आरोपियों ने अपनी पहचान के लिए जो दस्तावेज दिए थे, वह भी फर्जी निकले हैं।
मकान मालिक हाशिम की पत्नी शादमा ने बताया कि शमीम के कहने पर उसके पति ने आरोपी लड़कों को 3000 रुपये महीना का कमरा दिया था। आरोपियों ने खुद को छात्र बताकर बेहद गरीब बताया था। उनका कहना था कि पढ़ाई करने के साथ वह पार्ट टाइम कुछ नौकरी भी करेंगे। आरोपियों ने खुद को यूपी का बताया था। दूसरी ओर आरोपी प्रॉपर्टी डीलर की पत्नी अर्शी ने बताया कि उसके पति का पहले अपना कारोबार था।
कारोबार में नुकसान होने के बाद उसके पति ने प्रॉपर्टी को किराए पर दिलवाने का काम शुरू कर दिया था। हमेशा शमीम किराए पर मकान दिलवाने लोगों का पुलिस वेरिफिकेशन करवाता था। लेकिन इस मामले में पता नहीं वह क्यों इनका वेरिफिकेशन नहीं करा पाया। स्पेशल सेल की टीम यूपी पुलिस की मदद से आसपास के एरिया में लगे सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल कर संदिग्धों का सुराग लगाने का प्रयास कर रही है।
मामले की छानबीन कर रहे एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पिछले कई माह से संदिग्ध लड़के दिल्ली में धमाके करने की साजिश रच रहे थे। इसी कड़ी में इन लोगों ने दिल्ली की सीमा पर कमरा किराए पर लिया। एक आईईडी को गणतंत्र दिवस से पूर्व प्लान किया गया था। लेकिन धमाके से पूर्व ही पुलिस को उसकी जानकारी मिल गई और उसे निष्क्रिय कर दिया गया। आरोपी सीमापुरी के मकान में इस आईईडी को क्यों छोड़ गए इसका पता नहीं चला है। कहीं ऐसा तो नहीं कि आरोपी फरार होते समय अपने साथ कोई और तैयार आईईडी ले गए हैं। इसलिए पुलिस की चिंता अभी भी बढ़ी हुई है।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हर जिले में सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने इलाकों में किराएदारों के सत्यापन के लिए कह दिया गया है। सभी बीट अफसर अपने-अपने इलाकों में इसकी पड़ताल कर रहे हैं। पुलिस आरडब्ल्यूए और एमडब्ल्यूए की भी मदद ले रही है। इसके अलावा सड़क पर रेहड़ी पटरी लगाने वाले व दूसरे लोगों से संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी पुलिस को देने के लिए कहा गया है।