फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   scorching heat, unseasonal rains and worsening pollution serious toll on women and adolescents in Delhi

दिल्ली वालों सावधान! गरीब आबादी पर जलवायु परिवर्तन का असर, महिलाओं को अधिक जोखिम; पढ़ें क्या है शोध रिपोर्ट

Mon, 07 Oct 2024 09:07 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Mon, 07 Oct 2024 09:07 AM IST
सार

रिपोर्ट के अनुसार भीषण गर्मी, बेमौसमी बारिश और गहराता प्रदूषण दिल्ली में महिलाओं और किशोरों पर गंभीर असर डाल रहा है।जलवायु परिवर्तन की वजह से दिल्ली में गरीबी में जीवन बसर करने वाली महिलाओं की उत्पादकता और आय में गिरावट आई है। साथ ही किशोरों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी इसका विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।

विज्ञापन
scorching heat, unseasonal rains and worsening pollution serious toll on women and adolescents in Delhi
जलवायु परिवर्तन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जलवायु परिवर्तन का असर सभी पर पड़ रहा है, लेकिन इसमें अंतर्निहित असमानताएं और असमान मुकाबला क्षमताएं कुछ लोगों को अधिक असुरक्षित बनाती हैं। महिलाओं को अधिक जोखिम है। दिहाड़ी मजदूरी कर रहे लोगों के लिए जलवायु परिवर्तन उन्हें हर दिन शारीरिक, मानसिक और आर्थिक चुनौतियों से जूझने पर मजबूर कर रहा है। 
विज्ञापन

 

यह जानकारी मार्था फैरेल फाउंडेशन की नई रिपोर्ट में सामने आई है। 'द इम्पैक्ट ऑफ क्लाइमेट चेंज ऑन वुमेन डोमेस्टिक वर्कर्स एंड एडोलसेंट्स इन दिल्ली' नामक यह रिपोर्ट दिल्ली के चार समुदायों में घरों में काम करने वाली महिलाओं और किशोरों पर आधारित है।

विज्ञापन

इस सर्वेक्षण में दिहाड़ी पर काम करने वाले पहाड़ी (नूर नगर), जसोला गांव (जसोला विहार),आईजी कैंप-2 (तैमूर नगर) और नंदलाल बस्ती (मुखर्जी नगर) कि उन महिलाओं और किशोरों को शामिल किया गया है जो घरों में काम करते हुए भीषण गर्मी, बारिश और प्रदूषण की मार सहते हैं। इस दौरान जलवायु परिवर्तन के कारण इनके जीवन पर पड़ने वाले विविध प्रभावों को भी परखा गया है।

मजदूरों की मजबूरी के कारण लगातार बदतर हो रहीं समस्याएं : घरों में काम करने वाले श्रमिक जो पहले ही काफी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं । अब जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण ने उनकी आर्थिक, मानसिक और शारीरिक चुनौतियों को और बढ़ा दिया है। खासतौर पर शारीरिक परेशानियां काम करने के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा बन रही हैं।

विज्ञापन

इसके अलावा खराब बुनियादी ढांचा, सामाजिक समर्थन की कमी और असुरक्षित परिस्थितियों में काम करने की मजबूरी के कारण ये समस्याएं और बदतर हो रही हैं। इनमें से ज्यादातर दिहाड़ी मजदूर, रेहड़ी पटरी पर  सामान बचने वाले या घरों में कपड़ा, बर्तन धोने जैसे घरेलू काम करने वाले मजदूर होते हैं। इनकी नौकरी की न कोई गारंटी है, न ही इन्हें सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलता है। काम करने के दौरान इन्हें ही सबसे ज्यादा प्रदूषण,भीषण गर्मी, लू और बाढ़ जैसी चरम मौसमी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed