दिल्ली-एनसीआर में बरसी आसमान से आग
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मैदानी इलाकों में चल रही गर्म लू ने लोगों को घरों में दुबकने को मजबूर कर दिया है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो अभी गर्मी और बढ़ेगी। दस जून से पहले गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
दिल्ली में बृहस्पतिवार इस मौसम का सबसे गर्म दिन रहा। राजधानी में दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री ऊपर 44.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इससे पहले 23 मई को राजधानी में पारा 43.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। बीते दस साल के दौरान जून में सिर्फ दो दफे ही दिल्ली का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के ऊपर रिकॉर्ड किया गया है।
पूरा एनसीआर बेहाल
राजधानी में गर्मी का आलम यह रहा कि सूरज ढलने के बाद शाम साढ़े सात बजे भी तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यही नहीं राजधानी के पालम व आया नगर केंद्र पर दिन का तापमान क्रमश: 46.6 डिग्री व 46 डिग्री दर्ज किया गया।
एनसीआर में गुड़गांव 45.9 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा। वहीं गाजियाबाद में पारा 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो एनसीआर में सबसे कम था।
जबकि नोएडा में दिन का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं रात के तापमान के मामले में 30.2 डिग्री सेल्सियस के साथ गाजियाबाद सबसे ऊपर रहा।
दस जून तक राहत की कोई उम्मीद नहीं
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत में अगले 72 घंटे में तापमान दो से तीन डिग्री तक और बढ़ सकता है। दस जून तक गर्मी से राहत के कोई संकेत नहीं हैं।
मैदानी इलाकों में पारा आमतौर पर 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के ऊपर ही बना रहेगा। एक ओर गर्मी बढ़ रही है दूसरी तरफ मानसून की गाड़ी भी सामान्य समय से पीछे चल रही है।
आमतौर पर पांच जून को केरल तक पहुंचने वाली मानसूनी हवाएं अब थोड़ी देर से वहां पहुंचेगी। मौसम विभाग ने मानसून के अगले चौबीस घंटे में केरल व तमिलनाडु के कुछ हिस्सों और 48 घंटे में उत्तर पूर्वी राज्यों में पहुंचने की भविष्यवाणी की है।