wi-fi स्कूल में पोर्न देखते पकड़े गए बच्चे
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गुड़गांव में एक वाई-फाई और गैजेट फ्रैंडली इंटरनेशनल स्कूल चौथी कक्षा में पढ़ने वाले बच्चों (बच्चों की औसत उम्र नौ साल बताई जा रही है) की वजह से शर्मसार होने को मजबूर है। सोमवार को इसी इंटरनेशनल स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़ने वाले चार बच्चों को पोर्न फिल्म देखते हुए पकड़ा गया।
चारो ही बच्चे स्कूल प्रशासन द्वारा दी गई वाई-फाई सुविधा का इस्तेमाल कर अपने पर्सनल टैबलेट पर पोर्न क्लिप देख रहे थे। हालांकि इस मामले में अपना बचाव करते हुए स्कूल प्रशासन का कहना है कि बच्चे जिस टैबलेट पर पोर्न क्लिप देख रहे थे उसमे सिम लगा हुआ था। बच्चों ने स्कूल का वाई-फाई इस्तेमाल नहीं किया था।
इस बारे में बच्चों के मां-बाप का कहना है कि उनके पास जो टैबलेट था उसमें सिम लगाने की सुविधा नहीं थी। परिजनों का सवाल है कि इस शर्मनाक घटना की जानकारी स्कूल प्रशासन ने उन्हें उसी दिन क्यों नहीं दी। हालांकि स्कूल के साथ ही घर में बच्चे इंटरनेट सर्फिंग के दौरान क्या-क्या देखते हैं इस बात पर निगाह रखना एक बड़ी समस्या है।
इस मामले में चौंका देने वाला सच यह है कि स्कूल के वाई-फाई में इस तरह की साइट्स प्रतिबंधित होती हैं। ऐसे में बच्चों ने न सिर्फ पोर्न साइट्स देखे बल्कि स्कूल के वाई-फाई के सुरक्षा घेरे को भी भेद दिया।
कैसे पकड़े गए बच्चे
परिजनों के मुताबिक सोमवार को स्कूल के ही एक टीचर ने चौथी कक्षा में पढ़ने वाले चार बच्चों को स्कूल के बाथरूम में एक साथ टैबलेट पर कुछ देखते हुए देखा। शक होने पर वह बाथरूम के अंदर गए तो पता चला कि चारो बच्चे एक टैबलेट पर पोर्न साइट पर अश्लील फिल्म देख रहे थे।
इसमें से ही एक शातिर बच्चे ने स्कूल के वाई-फाई की उस सुरक्षा परत को तोड़ा था जिसके चलते वह ऐसी आपत्तिजनक चीजें स्कूल में ही देख सकें। तुरंत ही बच्चों को स्कूल प्रिंसिपल के पास ले जाया गया। जबकि बच्चों के परिजनो को इस घटना की जानकारी मंगलवार को मिली।
परिजनों को इस घटना की जानकारी चार में से एक बच्चे ने दी। असल में वह बाकि बच्चों के डराए जाने की वजह से सहमा हुआ था और इसी घबराहट में उसने सबकुछ अपने परिजनों को बता दिया। इसके बाद बच्चों के परिजनों ने मामले की शिकायत स्कूल प्रशासन से की और इस बारे में कोई कदम न उठाने का कारण भी पूछा।
हालांकि इसके बाद ही स्कूल प्रशासन ने तुरंत ही सारे परिजनों को एक ई-मेल भेजा जिसमें कहा गया कि बच्चों को ऐसे किसी टैबलेट के साथ स्कूल न भेजा जाए जिसमें सिम कार्ड लगाने की सुविधा हो।
साभार: टीओआई