दिल्ली बजट से स्कूल बैग तो सस्ता होगा लेकिन महंगी होगी ड्रेस
दिल्ली सरकार के बजट से स्कूल बैग जरूर सस्ता होगा, लेकिन स्कूल ड्रेस महंगी हो जाएगी। दिल्ली में लगने वाले साप्ताहिक बाजार से भी चादर व कम कीमत वाले कपड़ा खरीदना महंगा हो जाएगा।
सरकार ने भले ही ब्रांडेड कपड़ों पर वैट में 7.5 प्रतिशत वैट दर में छूट दी है लेकिन हैंडलूम व खादी कपड़ों को छोड़कर हर तरह के कपड़े पर पांच प्रतिशत वैट लगाने से स्वत: ब्रांडेड कपड़े महंगे हो जाएंगे।
इतना ही नहीं दिल्ली के कपड़ा व्यापार पर भी दिल्ली सरकार के इस फैसले का असर पड़ेगा क्योंकि कपड़े की सभी किस्मों पर 5 प्रतिशत वैट लग जाने से दिल्ली का वितरण स्वरूप समाप्त हो जाएगा।
साड़ियां और दान में बांटे जाने वाले कंबल पर टैक्स लग जाएगा
हरियाणा में भी कपड़े पर टैक्स नहीं है ऐसी स्थिति में कपड़े की बिलिंग और डिस्पैच हरियाणा से ही होना शुरू हो जाएगा। सूरत, मुंबई, भिवांडी, मालेगांव, इचलकरंजी, इरोड, भीलवाड़ा, गोरखपुर, कानपुर, अमृतसर, लुधियाना आदि उत्पादन क्षेत्रों में कपड़े पर कोई वैट नहीं है। इसलिए वहां के व्यापारियों का माल दिल्ली आने और दिल्ली से बाहर भेजे जाने पर 5 प्रतिशत महंगा हो जाएगा।
बता दें कि अभी तक दिल्ली में 100 रुपये प्रति मीटर से अधिक फर्निशिंग क्लॉथ पर व 500 रुपये प्रति मीटर से अधिक शूटिंग क्लॉथ पर वैट दर वसूली जाती है।
प्रस्तावित बजट में गरीब से गरीब और अमीर से अमीर सभी के प्रयोग में आने वाले कपड़े पर 5 प्रतिशत वैट लगने से सभी वर्ग को महंगाई की मार पड़ेगी। पट्टा, पॉपलीन, बेड शीट, स्कूल के बच्चों की वर्दी, सस्ती साड़ियां और दान में बांटे जाने वाले कंबल पर टैक्स लग जाएगा।
कपड़ों पर वैट लगने से आम आदमी के कपड़े महंगे हो जाएंगे
दिल्ली हिंदुस्तान मर्केन्टाइल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश बिंदल कहा कहना है कि दिल्ली का कपड़ा व्यापार वितरण प्रणाली पर आधारित है, उत्पादक केन्द्रों से कपड़ा दिल्ली आता है और दिल्ली के आसपास 500 किमी. के क्षेत्रों में कपड़ा भेज दिया जाता है। कपड़े की सभी किस्मों पर 5 प्रतिशत वैट लग जाने से दिल्ली का वितरण स्वरूप समाप्त हो जाएगा।
रेडीमेड गारमेंट्स एंड क्लॉथ डीलर वेलफेयर एसोसिएशन टैंक रोड करोलबाग के अध्यक्ष रमेश आहूजा का कहना है कि कपड़ों पर वैट लगने से आम आदमी के कपड़े महंगे हो जाएंगे।
ब्रांडेड कपड़े पर वैट दर में छूट व आम आदमी की पहुंच वाले कपड़े पर वैट को रोल बैक होना चाहिए। दिल्ली व्यपार महासंघ के अध्यक्ष देवराज बावेजा का कहना है बजट में विसंगतियों को दूर नहीं किया गया। वैट दर में कई विसंगतियां है जिसे दूर करने की आवश्यकता है।