कनावनी में दबंगों की गोली से ही हुई थी मौत: आयोग
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नोएडा के कनावनी की घटना में उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग की प्राथमिक जांच में कहा गया है कि पहले हमला गुर्जरों की तरफ से किया गया और राहुल की मौत गुर्जर वर्ग में से ही किसी की गोली लगने से हुई।
रिपोर्ट के मुताबिक दलितों ने जब अपने बचाव में पत्थर चलाए तो दबंगों ने फायर करने के लिए बंदूकें तानीं ही थी कि राहुल कसाना ने सामने आकर रोकने का प्रयास किया। इसी बीच गुर्जर वर्ग में से ही किसी व्यक्ति की गोली लगने से राहुल की मौत हुई।
आयोग ने एक अधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उसी अधिकारी के इशारे पर लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है और वह दबंगों का सहयोग भी कर रहा है। इतना ही नहीं, पुलिस दबाव में इकतरफा कार्रवाई कर रही है और पुलिस व थानाध्यक्ष की भूमिका भी संदिग्ध है।
70 गज के प्लॉट के लिए चल गई थी गोलियां
एससी-एसटी आयोग की सदस्य कु. किरन आर.सी. जाटव ने शुक्रवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर नोएडा के कनावनी कांड के बारे में प्राथमिक जांच रिपोर्ट सौंपी है। पत्र में अमर उजाला की खबर ‘दलितों पर कहर’ का जिक्र करते हुए कहा कि वह 30 अप्रैल को कनावनी में निरीक्षण करने गईं।
जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि 70 वर्ग गज प्लॉट को गांव की रजिया खान से पूर्व प्रधान देशराज ने खरीदा था, जिसकी आड़ में गांव के गुर्जर भूमाफिया किस्म के लोग दलितों के पट्टों की आवंटित हजारों वर्ग गज भूमि को कब्जाना चाहते हैं। इसी के परिणामस्वरूप 28 अप्रैल की घटना हुई।
शुक्रवार 2 मई को भेजे गए पत्र संख्या 0066/ 2014 में यह भी जिक्र है कि गुर्जर पक्ष के लोगों ने एक राय होकर लाठी, डंडों व असलहों से लैस होकर दलितों के घरों में घुसे और महिला, पुरुष व बच्चों को बर्बर्तापूर्वक पीटकर चोट पहुंचाई। उनके वाहन जला दिए।
तोड़ दिए गए थे दलितों के घर और स्कूल
इसी तरह की घटना पचासों घरों में की गई। इसके बाद दलित गांव से पलायन कर गए। यही नहीं जेसीबी की मदद से सिद्धार्थ स्कूल के भवन को भी तहस-नहस कर दिया। तब से लगातार दलितों को मारने की धमकियां दी जा रही हैं। उनके यहां किराएदारों को भगा दिया गया।
दलित वर्ग की राजवीरी, बिरमी, राजपाल, राजवीर, नंदा आदि घायल हुए हैं। बातचीत में दलितों ने बताया कि गुर्जर वर्ग के लोग धमकी देते घूम रहे हैं कि जल्दी ही एक के बदले 10 कत्ल करेंगे। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में मांग की गई है कि कनावनी में समुचित फोर्स की व्यवस्था की जाए।
दलितों की तरफ से दोषियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाएं और झूठे नामजद दलितों को जेल न भेजा जाए। आशंका जताई गई है कि दलितों के पट्टों पर भूमाफियाओं की नजर है। यदि प्रशासन की तरफ से कार्रवाई में चूक हुई तो दलितों के साथ लूट व हत्या जैसी गंभीर वारदात हो सकती है। इसकी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है।
‘गांव के गुर्जर भूमाफिया किस्म के हैं'
‘गांव के गुर्जर भूमाफिया किस्म के लोग दलितों के पट्टों की आवंटित हजारों वर्ग गज जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं। दलितों ने जब इस बात का विरोध किया तो गांव के दबंग गुर्जर वर्ग के लोगों ने उन पर बंदूक, पिस्टल, कट्टा और लाठी-डंडों से हमला बोल दिया।
दलितों ने अपने बचाव में पथराव कर दिया। जब गुर्जरों ने फायर करने की कोशिश की तो राहुल कसाना सामने आकर उन्हें रोकने का प्रयास करने लगा। इस बीच उन्हीं में से किसी अज्ञात व्यक्ति की गोली राहुल को लग गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।’