बम-बम भोले के जयघोष से गूंजा शिवालय, कांवड़ियों ने किया जलाभिषेक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गौमुख व हरिद्वार से बड़ी संख्या में पैदल व डाक कांवड़ लेकर आए कांवड़ियों ने बृहस्पतिवार को शिवरात्रि के मौके पर बम-बम भोले व हर-हर महादेव के जयघोष के बीच विभिन्न मंदिरों में शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। कांवड़ियों के अलावा अन्य शिवभक्तों ने भी मंदिरों में पहुंचकर जलाभिषेक किया।
मंदिरों में सुबह से लेकर शाम तक श्रद्घालुओं की काफी भीड़ रही। इसके चलते श्रद्घालुओं को जलाभिषेक करने के लिए लाइनों में अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। जलाभिषेक करने वाले अधिकतर भक्तों ने व्रत भी रखा। राजधानी के तमाम छोटे-बड़े मंदिरों में गौमुख व हरिद्वार से डाक, खड़ी, झूला व बैठी कांवड़ लेकर आए कांवड़ियों के अलावा अन्य भक्त बृहस्पतिवार सुबह ही जलाभिषेक करने के लिए पहुंचने शुरू हो गए। जलाभिषेक करने का सिलसिला कई घंटे तक जारी रहा।
चांदनी चौक स्थित गौरी शंकर मंदिर, मादीपुर स्थित प्राचीन शिव मंदिर, कालकाजी स्थित कालका मंदिर, बिड़ला मंदिर, छतरपुर मंदिर, जयपुर हाई वे स्थित शिव मूर्ति, आसफ अली रोड स्थित श्रीराम हनुमान वाटिका मंदिर आदि प्रमुख मंदिरों में जलाभिषेक करने वाले शिवभक्तों की काफी भीड़ रही। इस दौरान तमाम मंदिर बोल-बम व हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजते रहे।
सवा लाख की कांवड़ लेकर आए
ग्रेटर नोएडा, दादरी, रबूपुरा, जेवर, दनकौर, बिलासपुर, जारचा के मंदिरों में हजारों श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। वहीं, रबूपुरा के नानकेश्वर महादेव मंदिर में चार दिन तक चलने वाले इस मेले में करीब चार हजार कांवड़ियों व हजारों श्रद्धालुओं ने प्राचीन शिवलिंग के दर्शन किए।
शहर के अल्फा-1, अल्फा-2, बीटा-1, सूरजपुर, हल्दौनी, सुत्याना, कुलेसरा स्थित शिव मंदिरों में बुधवार देर रात से ही बड़ी संख्या में भक्त जुटने लगे थे। डाक कांवड़ियों की भीड़ भी देखी गई। सुबह चार बजे मंदिर के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना की। भक्तों ने बारी बारी से जलाभिषेक कर बेल पत्र चढ़ाए।
सवा लाख की कांवड़ लेकर आए
ग्रेटर नोएडा। सुत्याना गांव के कांवड़िए बृहस्पतिवार को सवा लाख की कांवड़ लेकर दक्ष मंदिर पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि कांवड़ में मुस्लिम समुदाय ने भी सहयोग किया। मंदिर के पास बने शिविरों में सर्व धर्म सद्भाव की मिसाल दी गई। भक्तों के खानपान और ठहरने में सहयोग किया। इस झांकी कांवड़ में कुल 60 लोग शामिल थे। विनोद ने बताया कि पिछले तीन वर्ष से झांकी कांवड़ लेकर आ रहे हैं। इस बार मुजफ्फरनगर, मेरठ, रुड़की, गाजियाबाद आदि स्थानों से आए सुंदर झांकी के लिए मेडल देकर सम्मानित किया गया।
नानकेश्वर महादेव में जलाभिषेक
रबूपुरा से छह किमी दूर यमुना तट पर स्थित बीस फुट ऊंचे टीले पर खादर क्षेत्र में स्थापित शिव मंदिर नानकेश्वर महादेव पर कांवड़ियों का सैलाब उमड़ पड़ा। रबूपुरा क्षेत्र के साथ साथ पलवल, फरीदाबाद, अलीगढ़ व नोएडा से हजारों की तादात में शिव भक्त हरिद्वार, गोमुख व अनूपशहर से पैदल गंगाजल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। वहीं, चार दिनों से चल रहा मेला भी खत्म हो गया। ब्यूरो
मंदिरों में किया भक्तों ने जलाभिषेक
बिलासपुर/ दादरी। बिलासपुर स्थित शिव मंदिर तथा दलेलगढ़ स्थित डालेश्वर मंदिर में भक्तों ने हरिद्वार से पैदल कांवड़ लाकर भगवान शिव को जल चढ़ाया। जगह-जगह कांवड़ शिविर भी लगाए गए। जिनमें चिकित्सा, भोजन, फल व ठहरने के लिए बिस्तर आदि की व्यवस्था की गई। वहीं, दादरी में भी शिव मंदिरों पर जलाभिषेक किया गया। जीटी रोड शिव मंदिर, गांव कठहेरा, रुपवास, जारचा रोड, रेलवे रोड फाटक, प्रताप विहार, तुलसी विहार के मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ी।