आप नेता संजय सिंह के बाद गृहमंत्री से मिले विजय गोयल, दिल्ली सरकार को बर्खास्त करने की मांग
राजनिवास में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के धरने के 5वें दिन सांसद संजय सिंह ने शुक्रवार को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। उन्होंने दिल्ली सरकार व उपराज्यपाल के बीच टकराव से पैदा हुए मौजूदा हालात पर चर्चा की। बकौल संजय सिंह, गृहमंत्री ने भरोसा दिया है कि वह उपराज्यपाल से बात कर मामले का समाधान निकालेंगे।
वहीं दूसरी तरफ दिल्ली की समस्याओं और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के धरने के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने शुक्रवार को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की जनता को उनके हाल पर छोड़ दिया है। दिल्ली के लोगों को धोखा दिया है। इस कारण दिल्ली सरकार को बर्खास्त किया जाना चाहिए।
इसके बाद मीडिया से बात करते हुए संजय सिंह ने कहा कि अरविंद केजरीवाल तीन कैबिनेट सहयोगियों के साथ पांच दिन से धरने पर बैठे हैं। वह दिल्ली सरकार के अधिकारियों की चार महीने से चल रही हड़ताल खत्म कराने के साथ दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग कर रहे हैं। वहीं, उपराज्यपाल की बेरुखी से नाराज सतेंद्र जैन व मनीष सिसोदिया अनशन पर बैठ गए हैं।
सिंह ने बताया कि बीते चार महीने से अधिकारी हड़ताल कर रहे हैं। मंत्रियों की बैठकों में अधिकारी नहीं पहुंचते। 22 मई को स्वास्थ्य विभाग एवं मिड डे मील, 27 को मिड डे मील, 11 जून को राशन मामले पर बैठक, 30 मई को वायु प्रदूषण, 16 जून को राशन मामले, 30 मई को प्रदूषण व एक मई को ओखला इलाके में डीएसआईडीसी की बैठकें बुलाई गईं थीं लेकिन इसमें अधिकारी नहीं पहुंचे।
इससे सारे काम रुके पड़े हैं। उन्हाेंने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी गृहमंत्री को दी है। उम्मीद है दिल्ली में चल रहा गतिरोध जल्द खत्म हो जाएगा। गृहमंत्री ने भरोसा दिया है कि वह मामले में उपयुक्त समाधान निकालेंगे।
17 जून को होगा पीएम कार्यालय का घेराव
आप के वरिष्ठ नेता दिलीप पांडेय ने कहा कि 17 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इसमें दिल्ली की हर गली से आप कार्यकर्ता शामिल होंगे। अधिकारियों की हड़ताल का ठीकरा भाजपा पर फोड़ते हुए कहा कि भाजपा के इशारे पर अधिकारी बेपरवाह हो गए हैं।
थोड़ी देर बाद फिर दिखी तल्खी
थोड़ी देर बार फिर मीडिया से बात करते हुए संजय सिंह का मिजाज तल्ख दिखा। सिंह ने बताया कि उन्होंने अरविंद केजरीवाल से मुलाकात करने के लिए उपराज्यपाल से अनुरोध किया था लेकिन राजनिवास से इजाजत नहीं मिली। उन्होंने सवाल किया कि वह उपराज्यपाल के आवास पर बैठे केजरीवाल से क्यों नहीं मिल सकते?
क्या मुख्यमंत्री को वहां पर गिरफ्तार किया गया है? अगर ऐसा नहीं है तो फिर केजरीवाल से मिलने क्यों नहीं दिया जा रहा है? मुख्यमंत्री और उनके मंत्री क्या आतंकवादी हैं? उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि उपराज्यपाल दिल्ली में चल रहे गतिरोध को जारी रखना चाहते हैं।
विजय गोयल ने गृहमंत्री से आप सरकार को बर्खास्त करने की मांग की
दिल्ली की समस्याओं और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के धरने के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने शुक्रवार को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की जनता को उनके हाल पर छोड़ दिया है। दिल्ली के लोगों को धोखा दिया है। इस कारण आप की दिल्ली सरकार को बर्खास्त किया जाना चाहिए।
गोयल ने कहा कि अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि वह दिल्ली की समस्याओं को छोड़कर उपराज्यपाल के दफ्तर पर कब्जा किए हुए हैं। ऐसे मुख्यमंत्री को बर्खास्त किया जाना चाहिए।
केंद्र सरकार और उपराज्यपाल पर अरविंद केजरीवाल की ओर से लगाए गए आरोपों पर कहा कि जब से वह मुख्यमंत्री बने हैं उस दिन से प्रधानमंत्री, उपराज्यपाल, पुलिस आयुक्त और विरोधी दलों को गालियां देने और उनकी आलोचना करने का काम कर रहे हैं। मुख्यमंत्री काम ही नहीं करना चाहते हैं, वह केवल राजनीति करना चाहते हैं।
जबकि दिल्ली भारी प्रदूषण, पानी की कमी और बिजली कटौती से जूझ रही है। इस तरह जनता आप की सरकार बनाने की सजा भुगत रही है। दिल्ली 30 साल पीछे चली गई है। दूसरी ओर उन्होंने आप सरकार के पिछले तीन वर्षों में उनके काम नहीं करने के बयान पर कटाक्ष किया। इसका मतलब है वह मानते हैं कि उन्होंने कुछ काम नहीं किया, फिर ऐसी सरकार को एक मिनट भी पद पर रहने का हक नहीं है।
चंद्रबाबू नायडू ने किया केजरीवाल का समर्थन
अरविंद केजरीवाल के धरने को आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, झारखंड में नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने समर्थन किया है। वहीं, दिल्ली सरकार व निगम में काम कर रहे कर्मचारियों की यूनियनों ने भी समर्थन पत्र लिखा।
नायडू ने ट्विटर पर लिखा कि राजनिवास का इस्तेमाल केंद्र सरकार के सियासी फायदे के लिए किया जाना संविधान का उल्लंघन है। वह दिल्ली के चुने हुए मुख्यमंत्री का समर्थन करते हैं।
वहीं, हेमंत सोरेन ने लिखा कि दिल्ली की जनता द्वारा अपने अधिकारों के लिए लड़ी जा रही लड़ाई को मेरा सलाम। जनता द्वारा चुनी सरकार को इस ढंग से बार-बार अपने अधिकारों के लिए सड़क पर आने को मजबूर करना कहां का लोकतंत्र है? जनता के इस संघर्ष में झारखंड उनके साथ खड़ा है।
दूसरी तरफ दिल्ली के कई कर्मचारी संघों ने आप का समर्थन किया है। एमसीडी का स्वच्छता कर्मचारी संघ, दिल्ली धोबी सभा, दिल्ली राज्य एनएचएम/आरएनटीसीपी/आरसीएच/आईडीएसपी/एनएलईपी/एनबीसीबी एक्शन कमेटी, डीटीसी संविदा कर्मचारी संघ आदि ने मुख्यमंत्री के समर्थन में अपना पत्र भेजा है।