सांची को कार में घूमना और कार्टून देखना था पसंद, झांकने के शौक ने ली जान
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साढ़े चार साल की सांची को कार में घूमने टीवी पर कार्टून और मूवी देखना बेहद पसंद था। कार में घूमने के दौरान जिद कर वह सनरूफ(छत) से गर्दन बाहर निकालकर देखती थी।
ऐसा करना उसे बहुत अच्छा लगता था। सांची का यही शौक उसके लिए जानलेवा साबित हुआ और वह हादसे का शिकार हो गई।
घटना के बाद से सांची की मां नेहा और पिता आलोक का रोते-रोते बुरा हाल है। सांची के परिजनों ने बताया कि दीपाली चौक स्थित दीपाली एन्क्लेव में आलोक अपने पिता और चाचा के साथ रहता है।
काफी समय से कर रही थी मूवी देखने की जिद
इसी साल परिवार ने सांची का दाखिला नर्सरी कक्षा में करवाया था। पिछले काफी समय से सांची माता-पिता से मूवी देखने की जिद कर रही थी।
15 दिन पहले पिता ने प्रशांत विहार स्थित मल्टीप्लेक्स में टिकट बुक करा दिए थे। सोमवार दोपहर को खाना खाने के बाद परिवार मूवी देखने गया था। वहां से वापस लौटते समय सांची हादसे का शिकार हो गई।
आलोक ने बताया कि जब सांची की गर्दन मांझे में उलझी थी तो वह दर्द से छटपटा रही थी। नेहा और आलोक ने सोचा कि वह बाहर के नजारे देखकर खुशी से कूद रही है। लेकिन जब खून से लथपथ वह नीचे मां की गोद में गिरी तो उन्हें हकीकत का पता चला।