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युवराज सिंह हत्याकांड: साकेत कोर्ट ने माना, गुरुग्राम पुलिस से जांच में हुई चूक, चिकित्सा अधिकारी तलब

Tue, 29 Sep 2026 05:20 PM IST
अनुज कुमार अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Tue, 29 Sep 2026 05:20 PM IST
सार

दिल्ली की साकेत कोर्ट ने युवराज सिंह मनचंदा के शव को संभालने में कथित चूकों की जांच का आदेश दिया है। कोर्ट ने गुरुग्राम के सिविल हॉस्पिटल के मेडिकल ऑफिसर को 15 अक्तूबर को तलब किया है। 

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Saket Court Orders Probe into Alleged Lapses in Handling Yuvraj Singh Manchanda Body
युवराज सिंह मनचंदा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

साकेत कोर्ट ने गुरुग्राम पुलिस द्वारा युवराज सिंह मनचंदा के शव को संभालने में कथित चूकों की जांच का आदेश दिया है। कोर्ट ने गुरुग्राम पुलिस को इन चूकों के लिए जिम्मेदार ठहराया है। इसमें कई गंभीर अनियमितताएं शामिल हैं।

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पुलिस पर जिपनेट पोर्टल पर विवरण अपलोड करने में छह दिन की देरी का आरोप है। इसके अतिरिक्त, पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी न कराने की विफलता भी सामने आई है। पुलिस पर वैधानिक प्रक्रियाओं का कथित गैर-अनुपालन करने का भी आरोप है। इन सभी बिंदुओं पर कोर्ट ने जांच के आदेश दिए हैं। 
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कोर्ट ने सिविल अस्पताल, गुरुग्राम के चिकित्सा अधिकारी को भी तलब किया है। उन्हें 15 अक्तूबर को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। चिकित्सा अधिकारी को पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विसंगतियों पर लिखित स्पष्टीकरण देना होगा। यह मामला शव के प्रबंधन में लापरवाही को उजागर करता है।
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जांच में कहां हुई गुरुग्राम पुलिस से चूक
जांच में गुरुग्राम पुलिस की कई कथित चूकों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसमें जिपनेट पोर्टल पर शव का विवरण अपलोड करने में छह दिन की देरी शामिल है। पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी न कराना भी एक महत्वपूर्ण बिंदु है। पुलिस द्वारा वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन न करने के आरोपों की भी पड़ताल होगी।


चिकित्सा अधिकारी तलब
न्यायालय ने सिविल अस्पताल, गुरुग्राम के चिकित्सा अधिकारी को 15 अक्तूबर को बुलाया है। उन्हें पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पाई गई विसंगतियों के संबंध में लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करना होगा। यह कदम रिपोर्ट की सटीकता और प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

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