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Delhi NCR News: साकेत कोर्ट ने एसिड अटैक केस में चार आरोपियों को बरी किया
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एफआईआर दर्ज करने में 18 महीने की देरी और सबूत नष्ट होने का दिया हवाला
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। साकेत जिला अदालत ने 2019 के एक एसिड हमले के मामले में चार आरोपियों को बरी कर दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरगुरवरिंदर सिंह जग्गी ने 28 सितंबर 2026 को यह फैसला सुनाया।
अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष अपना मामला साबित करने में बुरी तरह विफल रहा। प्रीत पाल, रमेश, सुरेश चंद और बबलू कुमार को विभिन्न धाराओं के आरोपों से मुक्त किया गया। शिकायतकर्ता रेनू ने 9 जुलाई 2019 को उन पर एसिड फेंकने का आरोप लगाया था। उन्होंने धमकी दी थी कि पॉक्सो मामला वापस न लेने पर बेटी पर भी तेजाब डालेंगे। अदालत ने घटना और एफआईआर दर्ज होने के बीच 18 महीने की देरी को महत्वपूर्ण माना। जांच अधिकारी इस देरी का कारण नहीं बता सके। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए अदालत ने माना कि अस्पष्टीकृत देरी झूठे आरोप लगाने का पर्याप्त समय देती है। पूरा मामला रेनू की अकेली गवाही पर टिका था। उन्होंने एसिड फेंकते हुए किसी को नहीं देखा था।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। साकेत जिला अदालत ने 2019 के एक एसिड हमले के मामले में चार आरोपियों को बरी कर दिया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरगुरवरिंदर सिंह जग्गी ने 28 सितंबर 2026 को यह फैसला सुनाया।
अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष अपना मामला साबित करने में बुरी तरह विफल रहा। प्रीत पाल, रमेश, सुरेश चंद और बबलू कुमार को विभिन्न धाराओं के आरोपों से मुक्त किया गया। शिकायतकर्ता रेनू ने 9 जुलाई 2019 को उन पर एसिड फेंकने का आरोप लगाया था। उन्होंने धमकी दी थी कि पॉक्सो मामला वापस न लेने पर बेटी पर भी तेजाब डालेंगे। अदालत ने घटना और एफआईआर दर्ज होने के बीच 18 महीने की देरी को महत्वपूर्ण माना। जांच अधिकारी इस देरी का कारण नहीं बता सके। सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए अदालत ने माना कि अस्पष्टीकृत देरी झूठे आरोप लगाने का पर्याप्त समय देती है। पूरा मामला रेनू की अकेली गवाही पर टिका था। उन्होंने एसिड फेंकते हुए किसी को नहीं देखा था।
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