सागर हत्याकांड: दिल्ली पुलिस ने किया पहलवान सुशील कुमार की जमानत का विरोध, कहा- उससे डरे हुए हैं गवाह
पुलिस का कहना है कि सुशील को जमानत दिया जाना ठीक नहीं है। ऐसा करने से मामले का मुख्य साजिशकर्ता सुशील बेल जंप भी कर सकता है और गवाहों को धमका भी सकता है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में जूनियर पहलवान सागर धनखड़ की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी ओलंपियन सुशील पहलवान की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पुलिस ने इसका विरोध किया। दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि केस में जो गवाह हैं वह सुशील और उसके साथियों से इतने डरे हुए हैं कि एक ने तो अदालत में सुरक्षा की मांग भी की है।
पुलिस का कहना है कि ऐसी हालत में सुशील कुमार को जमानत दिया जाना ठीक नहीं है। ऐसा करने से मामले का मुख्य साजिशकर्ता सुशील बेल जंप भी कर सकता है।
23 वर्षीय सागर को सुशील और अन्य पहलवानों मिलकर कथित तौर पर अगवा कर लिया था और 4 मई 2021 की रात को छत्रसाल स्टेडियम में उसकी पिटाई की थी, जिसके चलते बाद में सागर की मौत हो गई थी। इसी केस में पुलिस ने सुशील कुमार को गिरफ्तार किया था।
स्टेटस रिपोर्ट में कही ये बातें
पुलिस ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट में आगे कहा कि आरोपी मामले का मुख्य आरोपी है और अपने साथियों के साथ मिलकर पूरी घटना की साजिश रचने के साथ ही बदमाशों और हथियार आदि की भी व्यवस्था की। इसमें उसने हरियाणा और दिल्ली के कुख्यात बदमाशों का सहारा लिया।
पुलिस ने आगे कहा, चूंकि आरोपी बहुत ही प्रभावशाली और हाईप्रोफाइल शख्स है इसलिए पूरी संभावना है कि वह गवाहों को धमका और गुमराह कर सकता है। आरोपी देश-विदेश भ्रमण कर चुका है इसलिए यह संभव है कि वह बेल जंप करने का प्रयास करे।
पुलिस ने अपनी स्टेटस रिपोर्ट में कोर्ट को यह भी बताया कि, सुशील कुमार वारदात के बाद अपने साथियों संग मौके से फरार हो गया था और सबूत जैसे कपड़े, मोबाइल फोन, वारदात में उपयुक्त हथियार, डीवीआर व अन्य सामान भी गायब कर दिया था ताकि उनकी पहचान न हो सके। यह केस बेहद गंभीर है और मामले में अब तक 18 लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है। इस केस की जांच अब भी जारी है और कुछ गिरफ्तारियां होनी बाकी हैं।
निचली अदालत ने भी सुशील को जमानत देने से किया था इनकार
अब इस मामले की अगली सुनवाई 24 अप्रैल को होगी। इससे पहले सत्र न्यायालय ने भी सुशील कुमार की जमानत को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि जब नामी लोग इस तरह का जघन्य अपराध करते हैं तो समाज पर बहुत बुरा असर पड़ता है। सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए आरोपी को रेगुलर बेल नहीं दी जा सकती।