सच्चिदानंद के पड़ोसी बोले भोग के लिए ओढ़ी योग की चादर
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शराब कारोबारी से महामंडलेश्वर बनने का सफर तय करने वाले सचिन दत्ता उर्फ सच्चिदानंद गिरि की महिमा उनके पड़ोसियों के गले भी नहीं उतर रही है।
पड़ोसियों का कहना है कि सचिन ने केवल भोग की चाह में योग की चादर ओढ़ी है। सेक्टर में उसका साथ देने वाला कोई नहीं मिला। सेक्टर- 41 में रहने वाले सचिन के एक पड़ोसी ने कहा कि वह साधू बनने लायक ही नहीं था।
सचिन एक नंबर का बिगड़ैल और नशेड़ी था। उससे पड़ोस में कोई भी बात नहीं करता था। एक अन्य पड़ोसी ने बताया कि आसपास के लोगों पर रौब झाड़ना और दिखावा करना उसकी आदत थी।
आए दिन वह पड़ोसियों से झगड़ा करता था। वह रोज लग्जरी गाड़ियां बदलता था और महंगे मोबाइल रखता था। ऐसा इंसान कभी भी महामंडलेश्वर कहलाने लायक नहीं हो सकता।
'घर की लाइट रात-दिन जल रही है'
पड़ोसियों ने बताया कि सचिन से तो कोई दुआ-सलाम तक करना पसंद नहीं करता था। उसमें कोई बदलाव नहीं आया होगा। वो दिखावे और कमाई में बहुत विश्वास करता है। योगी तो वो कभी बन ही नहीं सकता।
जब से सचिन का मामला प्रकाश में आया है, उसके घर में कोई भी नहीं दिखाई दे रहा है। आसपास के लोगों का कहना है कि घर में जब कोई होता था तो रात में लाइट बंद हो जाती थी।
लेकिन कुछ दिन से घर में लाइट दिन-रात जल रही है। लोगों ने बताया कि सचिन अपने घर में आसपास के घरों में काम करने वाले लोगों को नहीं रखता था। उसके घर में जो नौकर थे, वे दूर से आते थे।