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Delhi NCR News: (संपादक जी के ध्यानार्थ) सर्वर डाउन से छुटकारा, सेकेंडों में केवाईसी, और वर्चुअल ट्रेनिंग...बैंकिंग का संकटमोचक बना एआई
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-पीएनबी एआई समिट में दिखी भविष्य की बैंकिंग की तस्वीर, कहीं एआई गड़बड़ी होने से पहले कर रहा अलर्ट तो कहीं वर्चुअल ग्राहक बनकर कर्मचारियों को सिखा रहा व्यवहार
ज्योति सिंह
नई दिल्ली। त्योहार का समय है। अचानक बैंक का सर्वर डाउन हो जाता है। यूपीआई से भुगतान अटक जाता है और ग्राहक के मोबाइल पर सिर्फ एक संदेश आता है सर्वर डाउन। लेकिन क्या वाकई हर बार सर्वर डाउन होता है। दरअसल, कई बार समस्या बैंक के बैकएंड सिस्टम में होती है। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इसी समस्या के होने का इंतजार नहीं कर रहा, बल्कि गड़बड़ी आने से पहले उसे पहचानने और उसका समाधान करने की दिशा में काम कर रहा है।
दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 स्थित पंजाब नेशनल बैंक के कॉरपोरेट ऑफिस में सोमवार को बदलते दौर और भविष्य की बैंकिंग की संभावनाओं पर देश-विदेश के विशेषज्ञों ने मंथन किया। दो दिवसीय समिट में एआई के साथ जेनरेटिव एआई, एजेंटिक एआई, क्वांटम तकनीक और साइबर सुरक्षा को बैंकिंग क्षेत्र के भविष्य का अहम आधार बताया गया।
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समिट में बैंकिंग के ऐसे ही कई प्रयोग देखने को मिले। इनमें तीन तकनीकें खास तौर पर ध्यान खींचती हैं। एक बैंकिंग सिस्टम में आने वाली तकनीकी परेशानी को पहले ही भांप रही है, दूसरी कुछ ही सेकेंड में सैकड़ों केवाईसी करने का दावा करती है, और तीसरी वर्चुअल दुनिया में बैंक कर्मचारियों को ग्राहकों से व्यवहार की ट्रेनिंग देती है।
बैंकिंग का संकटमोचक संजीवनी एआई, सर्वर डाउन से पहले देती है चेतावनी-
यूपीआई पर भुगतान करते समय अचानक लेन-देन रुक जाना आज किसी के लिए नया अनुभव नहीं है। खासतौर पर त्योहारों या ऐसे मौकों पर जब एक साथ बड़ी संख्या में डिजिटल ट्रांजेक्शन होते हैं, सर्वर पर दबाव बढ़ जाता है। ग्राहक को स्क्रीन पर सर्वर डाउन दिखाई देता है। इसी चुनौती को संजीवनी एआई अलग अंदाज में हल करने का दावा करता है।
संजीवनी एआई के ग्लोबल सेल्स एंड प्रोडक्ट मैनेजर राजा शेखर मुलपुरी के मुताबिक, कंपनी पिछले 14 वर्षों से बैंकिंग क्षेत्र के साथ काम कर रही है और उसके ग्राहक के रूप में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया जैसे बैंक शामिल हैं।
केवाईसी के लिए घंटों नहीं, कुछ सेकेंड
बैंक खाता खोलने, लोन लेने या दूसरी बैंकिंग सेवाओं के लिए केवाईसी एक जरूरी प्रक्रिया है। लेकिन बड़ी संख्या में ग्राहकों की केवाईसी करना बैंक के लिए समय और संसाधन दोनों के लिए है। यहीं फ्लूइड एआई का समाधान दिलचस्प है। कंपनी का दावा है कि उसका एआई आधारित टूल कुछ ही सेकेंड में सैकड़ों केवाईसी करने में सक्षम है।
बैंक कर्मचारी अब वर्चुअल ग्राहक से सीखेंगे व्यवहार
अक्सर बैंक में ग्राहक और कर्मचारी के बीच बातचीत का अनुभव अच्छा नहीं होता। ग्राहक जल्दबाजी में होता है, कभी नाराज होता है, कभी लोन की जरूरत को लेकर दबाव में होता है। ऐसे में कर्मचारी को सिर्फ बैंकिंग नियमों की जानकारी होना पर्याप्त नहीं है, उसे यह भी पता होना चाहिए कि अलग-अलग परिस्थितियों में ग्राहक से कैसे बात करनी है।
अब कर्मचारी को उस ग्राहक से बातचीत करनी होती है। इसकी खासियत यह है कि सिस्टम कर्मचारी के व्यवहार को भी परख सकता है। हेडसेट में लगे कैमरे और सेंसर उसके चेहरे के भाव और प्रतिक्रिया जैसे पहलुओं को रिकॉर्ड कर सकते हैं। इसके आधार पर उसे बताया जा सकता है कि ग्राहक से बातचीत के दौरान उसका व्यवहार कैसा रहा। मिगोटो एआई के डिप्टी जनरल मैनेजर इफ्तिकार रहमान के मुताबिक, प्लेटफॉर्म आधुनिक कार्यस्थल के लिए एआई ट्रेनिंग सिम्युलेटर के रूप में काम करता है।
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ज्योति सिंह
नई दिल्ली। त्योहार का समय है। अचानक बैंक का सर्वर डाउन हो जाता है। यूपीआई से भुगतान अटक जाता है और ग्राहक के मोबाइल पर सिर्फ एक संदेश आता है सर्वर डाउन। लेकिन क्या वाकई हर बार सर्वर डाउन होता है। दरअसल, कई बार समस्या बैंक के बैकएंड सिस्टम में होती है। अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इसी समस्या के होने का इंतजार नहीं कर रहा, बल्कि गड़बड़ी आने से पहले उसे पहचानने और उसका समाधान करने की दिशा में काम कर रहा है।
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दिल्ली के द्वारका सेक्टर-10 स्थित पंजाब नेशनल बैंक के कॉरपोरेट ऑफिस में सोमवार को बदलते दौर और भविष्य की बैंकिंग की संभावनाओं पर देश-विदेश के विशेषज्ञों ने मंथन किया। दो दिवसीय समिट में एआई के साथ जेनरेटिव एआई, एजेंटिक एआई, क्वांटम तकनीक और साइबर सुरक्षा को बैंकिंग क्षेत्र के भविष्य का अहम आधार बताया गया।
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समिट में बैंकिंग के ऐसे ही कई प्रयोग देखने को मिले। इनमें तीन तकनीकें खास तौर पर ध्यान खींचती हैं। एक बैंकिंग सिस्टम में आने वाली तकनीकी परेशानी को पहले ही भांप रही है, दूसरी कुछ ही सेकेंड में सैकड़ों केवाईसी करने का दावा करती है, और तीसरी वर्चुअल दुनिया में बैंक कर्मचारियों को ग्राहकों से व्यवहार की ट्रेनिंग देती है।
बैंकिंग का संकटमोचक संजीवनी एआई, सर्वर डाउन से पहले देती है चेतावनी-
यूपीआई पर भुगतान करते समय अचानक लेन-देन रुक जाना आज किसी के लिए नया अनुभव नहीं है। खासतौर पर त्योहारों या ऐसे मौकों पर जब एक साथ बड़ी संख्या में डिजिटल ट्रांजेक्शन होते हैं, सर्वर पर दबाव बढ़ जाता है। ग्राहक को स्क्रीन पर सर्वर डाउन दिखाई देता है। इसी चुनौती को संजीवनी एआई अलग अंदाज में हल करने का दावा करता है।
संजीवनी एआई के ग्लोबल सेल्स एंड प्रोडक्ट मैनेजर राजा शेखर मुलपुरी के मुताबिक, कंपनी पिछले 14 वर्षों से बैंकिंग क्षेत्र के साथ काम कर रही है और उसके ग्राहक के रूप में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया जैसे बैंक शामिल हैं।
केवाईसी के लिए घंटों नहीं, कुछ सेकेंड
बैंक खाता खोलने, लोन लेने या दूसरी बैंकिंग सेवाओं के लिए केवाईसी एक जरूरी प्रक्रिया है। लेकिन बड़ी संख्या में ग्राहकों की केवाईसी करना बैंक के लिए समय और संसाधन दोनों के लिए है। यहीं फ्लूइड एआई का समाधान दिलचस्प है। कंपनी का दावा है कि उसका एआई आधारित टूल कुछ ही सेकेंड में सैकड़ों केवाईसी करने में सक्षम है।
बैंक कर्मचारी अब वर्चुअल ग्राहक से सीखेंगे व्यवहार
अक्सर बैंक में ग्राहक और कर्मचारी के बीच बातचीत का अनुभव अच्छा नहीं होता। ग्राहक जल्दबाजी में होता है, कभी नाराज होता है, कभी लोन की जरूरत को लेकर दबाव में होता है। ऐसे में कर्मचारी को सिर्फ बैंकिंग नियमों की जानकारी होना पर्याप्त नहीं है, उसे यह भी पता होना चाहिए कि अलग-अलग परिस्थितियों में ग्राहक से कैसे बात करनी है।
अब कर्मचारी को उस ग्राहक से बातचीत करनी होती है। इसकी खासियत यह है कि सिस्टम कर्मचारी के व्यवहार को भी परख सकता है। हेडसेट में लगे कैमरे और सेंसर उसके चेहरे के भाव और प्रतिक्रिया जैसे पहलुओं को रिकॉर्ड कर सकते हैं। इसके आधार पर उसे बताया जा सकता है कि ग्राहक से बातचीत के दौरान उसका व्यवहार कैसा रहा। मिगोटो एआई के डिप्टी जनरल मैनेजर इफ्तिकार रहमान के मुताबिक, प्लेटफॉर्म आधुनिक कार्यस्थल के लिए एआई ट्रेनिंग सिम्युलेटर के रूप में काम करता है।