रूपेश हत्याकांड की सुलझी गुत्थी, तैमूर नगर में हेरोइन का मुख्य सप्लायर गिरफ्तार
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पुलिस ने तैमूर नगर हत्याकांड मामले में ड्रग्स की सप्लाई करने वाले फारूक मोहम्मद (45) को गिरफ्तार कर लिया। रूपेश बसोया की गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी फारूक मोहम्मद के घर ही ड्रग्स खरीदने गए थे। आरोपी फारूक के घर पर फायरिंग कर भाग रहे थे। आरोपियों ने रास्ते में टोकने पर रूपेश को गोली मार दी थी। फारूक के कब्जे से 528 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है।
डीसीपी चिन्मय बिश्वाल के अनुसार ड्रग्स बेचने वालों को पकड़ने के लिए नारकोटिक्स स्क्वायड प्रभारी राजेंद्र कुमार की देखरेख में एसआई परवेश कसाना, योगेश तंवर व अजय कटेवा की विशेष टीम बनाई गई। टीम ने 6 अक्तूबर की रात को को खड्ढा कॉलोनी, मदनपुर खादर जैतपुर में घेराबंदी की। इस दौरान इस्मेलपुर, फरीदाबाद की तरफ से आता आरोपी पुलिस को देखकर भागने लगा। लेकिन पुलिस ने इंदिरा गांधी कैंप, तैमूर नगर निवासी फारूक मोहम्मद (45) को पकड़ लिया। आरोपी की तलाशी लेने पर 528 ग्राम हेरोइन मिली। आरोपी के खिलाफ जैतपुर थाने में मामला दर्ज किया गया है।
आरोपी पर 4 मामले पहले से ही दर्ज, जेल भी जा चुका है
फारूक ने बताया कि वह बचपन से ही तैमूर नगर झुग्गी बस्ती में रह रहा है। उसकी मां खाला भी झुग्गी बस्ती में ड्रग्स बेचती है। इस कारण वह भी ड्रग्स बेचने लगा। फारूक के खिलाफ पहले से ड्रग्स के एक मामले समेत चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। लूट के एक मामले में उसे पांच वर्ष की सजा भी हुई थी। आरोपी ने बताया कि वह बरेली व हापुड़ के ड्रग्स सप्लायर से 12 लाख की एक किलो ड्रग्स खरीदता था। वह हेरोइन को एक ग्राम की पुड़िया में पैक करता था और उसे 150 रुपये में बेचता था। इस तरह एक किलो हेरोइन बेचने पर उसे तीन लाख रुपये का फायदा होता था।
अनपढ़ युवकों से बेचवाता था पुड़िया
आरोपी फारूक पुड़िया अनपढ़ युवकों से बिकवाता था। इस काम के लिए एक युवक को 500 रुपये देता था। इसके अलावा पुलिस आदि पर नजर रखने के लिए भी वह युवकों को तैनात करता था। ये युवक वॉचमैन की भूमिका निभाते हुए पुलिस के आने पर झुग्गी बस्ती में फारूक को तुरंत बता देते थे। फारूक इस काम के लिए इन्हें प्रतिदिन 300 रुपये देता था।
पकड़े जाने के डर से रूपेश को मारी थी गोली
पुलिस के अनुसार आकाश सिर्फ शराब पीता है। जबकि अजय राठी स्मैक का सेवन करता है। वारदात वाले दिन वह फारूक के घर ही स्मैक लेने गए थे। यहां पर स्मैक पहले लेने को लेकर आरोपियों का फारूक व अन्य से झगड़ा हो गया था। इस बात पर आकाश ने दो राउंड फायरिंग कर दी थी। फायरिंग कर जब दोनों भाग रहे थे तो रास्ते में रूपेश बसोया ने आकाश को टोका। आकाश ने पकड़े जाने के डर से रूपेश को गोली मार दी थी।
ड्रग्स बेचने के मामले में दूसरी गिरफ्तारी
तैमूर नगर में ड्रग्स बेचने के मामले में फारूक के रूप में पुलिस ने दूसरी गिरफ्तारी की है। इससे पहले पुलिस ने अभिजीत मुखर्जी को गिरफ्तार किया था। इसके कब्जे से 320 हेरोइन की पुड़िया बरामद की गई थी।
कैब चालक की हत्या में भी तैमूर नगर हत्याकांड का आरोपी
तैमूर नगर हत्याकांड में गिरफ्तार मुख्य आरोपी आकाश ने पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। उसने बताया है कि कोटला मुबारकपुर (केएमपुर) में भी उसने कैब चालक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। पुलिस रिमांड में आरोपियों ने 38 वारदात करने की बात भी स्वीकार की है।
महरौली थाना पुलिस ने तैमूर नगर हत्याकांड को अंजाम देने वाले तीन आरोपी आकाश, अजय राठी व सूरज को गिरफ्तार किया था। तीनों सोमवार तक पुलिस रिमांड पर हैं। आकाश ने पूछताछ में बताया कि 8 सितंबर की रात को साइड मिरर टकराने के विवाद में केएमपुर में कैब चालक उमेश (40) की गोली मारकर उसी ने हत्या की थी। इस दौरान वह अपनी तीन साथी बंटी, अक्की व अतुल के साथ गोविंदपुरी से चोरी की गई होंडा सिटी कार में रात वारदात के लिए घूम रहे थे। केएम पुर में इनकी गाड़ी का साइड मिरर सड़क पर खड़ी कैब के साइड मिरर से टकरा गया था। कैब चालक उमेश कैब को रोड पर साइड में पार्क कर दोस्त हेमंत के साथ शराब पी रहा था।
साइड मिरर टकराने पर अक्की कार से नीचे उतरा और उमेश से कैब को हटाने को कहा। इस पर हेमंत ने अक्की को थप्पड़ मार दिया। थप्पड़ मारने पर आकाश आग बबूला हो गया और उसने हेमंत को गोली मार दी। गोली चलने पर हेमंत नीचे झुक गया और गोली उमेश को जा लगी। उमेश को ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आकाश इतना शातिर है कि वह जब एक बार वारदात करने निकलता था तो एक साथ हथियारों के बल पर पांच-छह वारदात करता था। आकाश महिपालपुर में एक होटल में रहता था। वह होटल से ऑटो व कैब से निकलता था। एक जगह पहुंचकर ये ऑटो व कैब को छोड़ देते थे। इसके बार ये कार को लूटते थे और फिर उससे वारदात करते थे। आरोपियों ने सबसे ज्यादा वारदात आनंद विहार, नोएडा, बाहरी व उत्तर-पश्चिमी जिले में करते थे।