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आरटीआई में सामने आया नगर निगम का 'खेल'

Wed, 16 Jul 2014 06:50 PM IST
ओम प्रकाश/अमर उजाला, फरीदाबाद
ओम प्रकाश/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Wed, 16 Jul 2014 06:50 PM IST
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rti on municipal corporation faridabad

हरियाणा के सबसे पुराने फरीदाबाद नगर निगम के कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

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इसी के साथ नियमितीकरण में धांधली की जमीन तैयार है, क्योंकि करीब पौने चार सौ कर्मियों की जन्मतिथि और पांच सौ की शैक्षणिक योग्यता का रिकॉर्ड ही नहीं है। धांधली का यह एक जीता जागता उदाहरण है।

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इससे बड़ी चौंकाने वाली बात ये है कि दो ऐसे कर्मचारी हैं, जिन्होंने रिकॉर्ड के मुताबिक सिर्फ साल भर की उम्र में ही नौकरी हासिल कर ली थी। इस बात का खुलासा आरटीआई एक्टिविस्ट एसोसिएशन के प्रधान ओपी द्वारा नगर निगम में डाली गई एक आरटीआई के जवाब में हुआ है।

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सबसे बड़ा सवाल यह है जन्मतिथि और योग्यता के रिकॉर्ड के बिना कच्चे कर्मचारियों को पक्का किस आधार पर किया जाएगा, जबकि जानकार बताते हैं कि किसी भी कर्मचारी के रिकॉर्ड में इन दो बातों का होना बहुत जरूरी होता है।

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अब किसी भी कर्मचारी को नियमित करने के लिए रिकॉर्ड में फेरबदल की संभावना प्रबल हो गई है। सवाल यह भी उठ रहा है कि पूरे कागजात के बिना किस आधार पर इन कर्मचारियों को काम दिया गया।

आरटीआई लगाने वाले धामा का कहना है कि चूंकि इस समय कर्मचारियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया चल रही है, इसलिए किसी की जन्मतिथि कुछ भी लिखकर गड़बड़ी किए जाने की संभावना है अन्यथा आरटीआई में कर्मचारियों की जन्मतिथि का रिकॉर्ड हर हाल में दिया जाता।

नगर निगम के पूर्व सलाहकार केएल गेरा ने कहा कि सबसे पहले तो इस बात की जांच होनी चाहिए कि बिना जन्मतिथि और योग्यता प्रमाण पत्र के कच्चे कर्मचारियों की भर्ती कैसे हुई। उसके बाद पक्का करने से पहले सरकार उच्चस्तरीय कमेटी गठित करके गड़बड़झाले की जांच कराए, ताकि किसी सही व्यक्ति को नुकसान न हो। नगर निगम पहले से ही भ्रष्टाचार का केंद्र है, इसलिए सरकार इसकी जांच कराए।

एक नजर
-कांट्रैक्ट पर लगे 50 से ज्यादा क्लर्कों की जन्मतिथि नहीं है।
-करीब सवा तीन सौ कच्चे सफाई कर्मियों की जन्मतिथि गायब।
-करीब पांच सौ कर्मियों के योग्यता प्रमाण पत्र का रिकॉर्ड नहीं।

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