'आरोप बहुत संगीन हैं': कोर्ट ने जमानत याचिका की खारिज, पूर्व प्रेमिका का घर से निकलना हो गया था मुश्किल
दिल्ली में युवती को परेशान करने वाले आरोपी को जमानत देने से मना कर दिया। आरोप है कि प्रेमिका की शादी दूसरी जगह होने के बाद मानसिक रूप से परेशान आरोपी ने उसके पति के साथ मारपीट की। पूर्व प्रेमिका का जीना मुश्किल कर दिया था।
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रोहिणी कोर्ट ने छेड़खानी और पीछा करने के एक मामले में कथित तौर पर दिमागी तौर पर परेशान युवक की जमानत खारिज कर दी। आरोपी की तरफ से पेश वकील ने अदालत को बताया कि पीड़िता और आरोपी के बीच प्रेम संबंध थे लेकिन युवती की शादी दूसरी जगह होने के बाद से आरोपी मानसिक रूप से परेशान हो गया। मानसिक रूप से परेशान होने की जानकारी पीड़िता को भी दी गई थी लेकिन इसके बाद भी एफआईआर दर्ज कराई।
रोहिणी कोर्ट के अवकाश जज धीरेंद्र राणा की अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी लगातार पीड़िता का पीछा करता रहा। युवक पर लगाए गए आरोप बहुत संगीन हैं, ऐसे में जमानत नहीं दी जा सकती। जानकारी के अनुसार, युवक पर अपनी पूर्व प्रेमिका की मां उनके परिवार को परेशान करने और धमकाने का आरोप है।
इसके अलावा उनके पति के साथ भी मारपीट का आरोप है। यह मामला मॉडल टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया। जिसमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 78, 79, 351(2), और 356(2) के तहत आरोप लगाए गए हैं।
आरोपी के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि उनके क्लाइंट को झूठे मामले में फंसाया गया है। उन्होंने बताया कि युवक और शिकायतकर्ता की बेटी के बीच रिश्ता था और दोनों की शादी होने वाली थी, लेकिन पारिवारिक कारणों से यह संभव नहीं हुआ।
इसके बाद, शिकायतकर्ता की बेटी की सगाई कनाडा में रहने वाले युवक से हो गई और वह कनाडा चली गई। जिसके कारण युवक को मानसिक और न्यूरोडेवलपमेंटल समस्याएं शुरू हुईं। वकील ने यह भी दावा किया कि युवक का इलाज मेरठ के मिमहंस अस्पताल में हुआ था और उनकी मानसिक स्थिति की जानकारी शिकायतकर्ता को दी गई थी।
इसके बावजूद, फरवरी 2025 में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई राज्य की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक डॉ. राज रानी ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने बताया कि युवक ने शिकायतकर्ता को लगातार परेशान किया, धमकी दी, और उनके पति के कार्यालय में घुसकर मारपीट की।
पुलिस ने के खिलाफ नोटिस जारी किया था, लेकिन वह जांच में शामिल नहीं हुए और कथित तौर पर फरार रहे। शिकायतकर्ता ने पुलिस को व्हाट्सएप कॉल्स, ऑडियो रिकॉर्डिंग, और सीसीटीवी फुटेज जैसे सबूत भी सौंपे हैं।