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Money Laundering Case: रॉबर्ट वाड्रा को मिली जमानत, बोले- मैं निडर हूं और मेरे पास छिपाने के लिए कुछ नहीं
Sat, 16 May 2026 11:47 AM IST
Vijay Singh Pundir
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Vijay Singh Pundir
Updated Sat, 16 May 2026 11:47 AM IST
सार
शिकोहपुर ज़मीन सौदे से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट से ज़मानत मिलने के बाद रॉबर्ट वाड्रा ने कहा, 'मुझे इस देश की न्यायिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। मुझे पता है कि ईडी को सरकार चला रही है और ईडी सरकार के इशारों पर ही काम करती रहेगी। मुझे देश की न्यायिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा है।'
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रॉबर्ट वाड्रा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राउज एवेन्यू कोर्ट ने हरियाणा के शिकोहपुर जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा को जमानत दे दी है। अदालत ने उन्हें 50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत दी। विशेष न्यायाधीश सुशांत चंगोत्रा की अदालत में वाड्रा पेश हुए। अदालत ने स्पष्ट किया कि जमानत देते समय कोई अतिरिक्त शर्त नहीं लगाई जा रही है और केवल जमानत बांड दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले में रॉबर्ट वाड्रा को गिरफ्तार किए बिना ही अभियोजन शिकायत दाखिल की थी। ईडी की ओर से पेश विशेष लोक अभियोजक ने अदालत को बताया कि मामले में जांच अभी जारी है और विस्तृत स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा गया है। ईडी ने कहा कि रॉबर्ट वाड्रा और अन्य आरोपियों ने ट्रायल कोर्ट द्वारा आरोपपत्र पर संज्ञान लेने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 10 जुलाई को होगी।
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जमानत मिलने के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के पति और बिजनेसमैन रॉबर्ट वाड्रा ने कहा कि वे निडर हैं और कुछ छिपाना नहीं चाहते हैं, बस ईडी को झेलना है। उन्होंने कहा कि झेलने की क्षमता है, वह सबसे बड़ी चीज है। रॉबर्ट वाड्रा ने कहा, "मुझे इस देश की न्यायिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। मुझे पता है कि ईडी को सरकार चला रही है और ईडी सरकार के इशारों पर ही काम करती रहेगी। मुझे देश की न्यायिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। मैं हमेशा यहीं रहूंगा और सभी सवालों के जवाब दूंगा। मैं निडर हूं और मेरे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है।"
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दरअसल, यह पूरा मामला साल 2008 का है, जब गुरुग्राम के शिकोहपुर इलाके में करीब 3.53 एकड़ जमीन का सौदा हुआ था। ईडी का आरोप है कि इस जमीन खरीद-फरोख्त में मनी लॉन्ड्रिंग और गड़बड़ियां हुईं। जांच एजेंसी के मुताबिक, रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड ने फरवरी 2008 में यह जमीन ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड से करीब 7.5 करोड़ रुपये में खरीदी थी।
ईडी का कहना है कि इस सौदे में कई तरह की अनियमितताएं हुईं। एजेंसी के अनुसार, कंपनी के पास उस समय इतनी पूंजी नहीं थी, फिर भी जमीन खरीदी गई। इतना ही नहीं, आरोप है कि इस डील में असली भुगतान नहीं किया गया और सेल डीड में गलत जानकारी दी गई। यहां तक कि एक ऐसे चेक का जिक्र भी किया गया जो कभी जारी ही नहीं हुआ या कैश नहीं हुआ।
जांच एजेंसी का यह भी दावा है कि जमीन की कीमत को जानबूझकर कम दिखाया गया, जिससे स्टाम्प ड्यूटी की चोरी की जा सके। ईडी ने इसे भारतीय दंड संहिता की धारा 423 के तहत अपराध बताया है। अपनी शिकायत में ईडी ने कहा कि इस पूरे मामले में करीब 58 करोड़ रुपये की अपराध से हुई कमाई (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) सामने आई है।