क्या है ढाई मिनट की लूट का राज?
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मात्र ढाई मिनट में आठ लाख रुपये लूट कर बदमाश फरार हो गए। एक्सपोर्ट कंपनी के ठेकेदार व कर्मचारी को गोली मार कर आठ लाख रुपये लूटने की वारदात एक कंपनी के बाहर गेट पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों की वेशभूषा व कद काठी देख कर पुलिस अंदाजा लगा रही है कि स्थानीय व आसपास के झुग्गी के रहने वाले हो सकते हैं। दोनों बदमाश कद काठी से पतले दुबले हैं। पुलिस ने सेक्टर-5, सेक्टर-8,9,10 की झुग्गी में सक्रिय बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है।
सबूत जुटाने में क्यों लापरवाही बरत रही पुलिस?
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल की। खून जिस जगह बिखरा हुआ था, उसके आसपास गहनता से देखा। पुलिस को लाइसेंसी पिस्टल का एक खोखा मिला। जबकि पुलिस को पता चल चुका था कि बदमाशों ने चार राउंड फायरिंग की है। बाकी खोखे खोजने का प्रयास तक नहीं किया।
कर्मचारी ने बातचीत के दौरान संवाददाता को अपनी पेंट की जेब से पिस्टल के दो खाली खोखे दिखाए। बताया कि वह घटनास्थल पर पड़े थे। पुलिस अगर मांगेगी तो दे देगा। संवाददाता ने इसकी जानकारी घटनास्थल का निरीक्षण कर चुके एक पुलिस अधिकारी को दी। इसके बाद पुलिस अधिकारी कंपनी के उस कर्मचारी से संपर्क करने में जुट गए।
कौन है विभीषण, घटना से क्या है ताल्लुक?
घटना को अंजाम देने वाले बदमाश के साथी बैंक में भी मौजूद रहे होंगे। आशंका है कि उन्होंने ही रुपये निकालने के बाद बैंक से उनकेरवाना होने की जानकारी दी होगी। कंपनी अधिकारियों ने बताया कि यूडी भट्ट उनकी कंपनी से 18 साल से ज्यादा समय से जुड़े हुए हैं। वहीं प्रदीप भी पन्द्रह साल पुराना कर्मचारी है।
बच गया दूसरा 8 लाख का चेक
दरअसल, भुक्तभोगियों के पास आठ लाख का केवल एक चेक नहीं, बल्कि आठ-आठ लाख के दो चेक थे। यूडी भट्ट कर्मचारी प्रदीप के साथ कंपनी से आठ-आठ लाख के दो चेक लेकर निकले थे।
बैंक में आठ लाख का चेक भुनाने के बाद रकम लेकर कंपनी के लिए यह सोच कर निकले थे कि उस रुपये को बांटने के बाद दूसरा चेक कैश करा कर ले जाएंगे। इसलिए वह आठ लाख रुपये लेकर निकले और कंपनी के पास बदमाशों का शिकार बन गए।
देर से पहुंची पुलिस पर उतरा गुस्सा
कंपनी मैनेजर के मुताबिक गोली मार कर कैश लूटने की सूचना उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम को दी थी। कंपनी का एक कर्मचारी चंद मीटर दूर सेक्टर-6 पुलिस चौकी पर पहुंचा और वहां मौजूद एक पुलिस कर्मी को घटना की सूचना दी।
पुलिस आधे घंटे बाद मौके पर पहुंची, तब तक कंपनी कर्मचारी दोनों घायलों को अस्पताल ले गए। वारदात के कुछ समय बाद ही आसपास की कंपनियों में लंच ब्रेक हो गया और सैकड़ों की तादाद में कंपनी कर्मचारी एकत्र हो गए। वारदात से आक्रोशित कर्मचारियों को गुस्सा पुलिस की पहुंची पीसीआर पर उतरा।
कंपनी की भी है गलती, नहीं सुनी पुलिस की अपील
यही लापरवाही बुधवार को भी बरती गई। एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि बदमाशों की तलाश में टीमें गठित कर उनके बारे में सुराग लगाए जा रहे हैं। क्राइम ब्रांच को भी घटना के खुलासे के लिए लगाया गया है।