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लॉकडाउन : सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ 90 फीसदी तक गिरा, मगर बढ़ गए आपसी हिंसा के मामले
Fri, 01 May 2020 06:23 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अभिषेक पांचाल, नई दिल्ली
अभिषेक पांचाल, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 01 May 2020 06:23 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
देशव्यापी लॉकडाउन को लगभग सवा महीना हो गया है। इस दौरान सभी लोग अपने घर पर ही हैं। ऐसे में अस्पतालों के ट्रॉमा सेंटरों में आने वाले दुर्घटना के मामलों में 80 से 90 फीसदी तक की कमी आई है। जहां पहले अस्पतालों के इमरजेंसी ट्रामा सेंटरों में औसतन प्रतिमाह 100 से 150 मामले तक आते थे। लॉकडाउन के दौरान महज 20 से 30 मामले आए हैं।
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एम्स अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर के एक अधिकारी ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर में एक माह में सड़क दुर्घटना के महज 20 मामले आए हैं। इनमें अधिकतर लोगों को एक-दो दिन में ही छुट्टी दे दी गई थी। एम्स के ट्रॉमा सेंटर में नर्सिंग ऑफिसर मदन लाल बताते हैं कि अस्पताल में 22 फरवरी से 22 मार्च तक करीब 240 से 250 लोग भर्ती हुए थे।
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इनमें करीब 110 मामले दुर्घटना के थे, लेकिन पिछले सवा माह में दुर्घटना के सिर्फ 15 मामले आए हैं। लेडी हार्डिंग अस्पताल के ट्रामा सेंटर में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में पिछले एक माह में 80 फीसदी तक की कमी आई है। इस अस्पताल में जहां पहले 150 से 200 केस आते थे वहीं, पिछले सवा माह में महज 40 केस आए हैं।
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आपसी हिंसा के मामलो में हुई बढ़ोतरी
लॉकडाउन के दौरान अस्पतालों के ट्रॉमा सेंटर में आपसी हिंसा से जुड़े काफी मामले पहुंचे। एम्स के ट्रामा सेंटर में पिछले एक माह में 50 से 70 मरीज भर्ती हुए, जिनमें 40 से अधिक आपसी हिंसा में घायल हुए। लेडी हार्डिंग अस्पताल में भी जो मरीज भर्ती हुए हैं उनमें भी 70 फीसदी से अधिक आपसी और घरेलू हिंसा के हैं।