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आरके चावला हत्याकांड : शूटरों ने पहली बार ली थी सुपारी, वारदात के बाद पाप धोने के लिए किया गंगा स्नान
Sat, 11 Sep 2021 05:12 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Sat, 11 Sep 2021 05:12 PM IST
सार
आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पहली बार किसी की सुपारी ली थी। हत्या के बाद उन्हें लगा कि यह तो पाप कर दिया है। इसी पाप को धोने के लिए दोनों ने गंगा में डुबकी लगाने की योजना बनाई। इसके बाद कुछ दिनों तक वे साथ रहे थे।
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पुलिस की गिरफ्त में चावला के हत्यारोपी।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
नेशनल हाइवे अथारिटी आफ इंडिया (एनएचएआई) के कंसल्टेंट आरके चावला की हत्या की जांच में जुटी जयपुर पुलिस ने खुलासा किया है कि दोनों शूटर चावला की हत्या के बाद गंगा स्नान करने हरिद्वार चले गए थे। दरअसल उन्हें लगा कि उन्होंने गलत काम कर दिया है ऐसे में उन्हें आत्मग्लानि हुई और वे पाप उतारने के लिए गंगा में डुबकी लगाने चले गए।
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पुलिस के मुताबिक चावला की हत्या के मामले में गिरफ्तार शूटर रामधिया व धर्मेंद्र ने रिमांड के दौरान बताया कि वारदात के बाद वह प्रायश्चित करना चाहते थे। इसके लिए वे अपने पाप धोने हरिद्वार भी गए थे। वहा दो दिन रुकने बाद अपने गांव चले गए। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने पहली बार किसी की सुपारी ली थी। हत्या के बाद उन्हें लगा कि यह तो पाप कर दिया है। इसी पाप को धोने के लिए दोनों ने गंगा में डुबकी लगाने की योजना बनाई। इसके बाद कुछ दिनों तक वे साथ रहे थे।
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जांच में यह भी पता चला है कि गोली मारने से पहले दोनों शूटरों ने डमी पर प्रैक्टिस की थी ताकि निशाना नहीं चूक जाए। इसके बाद जयपुर आकर वारदात को अंजाम दिया। गत 26 अगस्त को आरके चावला फरीदाबाद से जयपुर में प्रोजेक्ट की मीटिंग में शामिल होने आए थे। बाहर निकलते ही धर्मेंद्र और रामधिया ने उन्हें गोली मार दी थी। पुलिस ने इस मामले में ई-5 इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. कंपनी के एमडी कुलदीप श्योराण सहित 6 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
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जांच में सामने आया है कि कुलदीप श्योराण ने अपना काम निकलवाने और जुर्माना राशि माफ करवाने के लिए आरके चावला के कई मौकों पर प्रलोभन दिए थे पर वह नहीं माने। इससे श्योराण खफा था और उसने चावला की हत्या की साजिश रची। दरअसल मामला 3.5 करोड़ के जुर्माने का नहीं था, क्योंकि इस राशि से श्योराण की कंपनी पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला था। कंपनी ने पिछले साल ही 700 करोड़ का कारोबार किया था, ऐसे में जुर्माना राशि कोई मायने नहीं रखती थी। श्योरणा ने इसे अपनी प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया था और चावला की हत्या के लिए शूटरों को जिम्मा सौंपा।
आरके चावला (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
चावला सिगरेट पीने के लिए बाहर निकले तो शूटरों ने गोली चला दी
अतिरक्त पुलिस उपायुक्त(पश्चिम) राम सिंह ने बताया कि इस मामले में फरार शूटरों की तलाश जारी है। उन्होंने बताया कि श्योराण ने ही शूटरों के लिए हथियार उपलब्ध करवाए थे। उसके स्टाफ के दो साथी शूटरों के साथ 26 अगस्तको जयपुर आए और आम्रपाली सर्कल के पास छोड़ दिया था। वैशाली नगर सि्थत कार्यालय में मीटिंग के दौरान चावला सिगरेट पीने के लिए बाहर निकले तो शूटरों ने उन पर गोली चला दी और फरार हो गए। मुख्य आरोपी श्योराण की कंपनी के देश के कई राज्यों में प्रोजेक्ट चल रहे हैं। कंपनी हिसार में और कारपोरेट कार्यालय गुरुग्राम में है। कंपनी ने जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, गुजरात, आंध्रप्रदेश और नेपाल में कई हाइवे और सिविल कार्यों के प्रोजेक्ट ले रखे हैं।
गुरुग्राम-कोटपुतली-जयपुर खंड पर बन रहा एफओबी
पुलिस ने बताया कि एनएचएआई ने गुरुग्राम-कोटपुतली-जयपुर खंड पर एफओबी के निर्माण के लिए श्योराण की कंपनी का चयन किया था। इसके लिए 35 करोड़ का टेंडर निकाला गया था। सभी एफओबी सिंगल स्पान(बिना बीच में पिलर वाले) वाले बनाने थे और निर्माण पूरा करने की अवधि अगस्त 2021 तय की गई थी। इस प्रोजेक्ट पर निगरानी के लिए एनएचएआई ने एक और फर्म का चयन किया था, जिसने चावला को प्रोजेक्ट कंसल्टेंट के रूप नियुक्त किया था। चावला का काम निर्माण कार्य और तकनीकी पहलुओं पर भी नजर रखना था।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
अतिरक्त पुलिस उपायुक्त(पश्चिम) राम सिंह ने बताया कि इस मामले में फरार शूटरों की तलाश जारी है। उन्होंने बताया कि श्योराण ने ही शूटरों के लिए हथियार उपलब्ध करवाए थे। उसके स्टाफ के दो साथी शूटरों के साथ 26 अगस्तको जयपुर आए और आम्रपाली सर्कल के पास छोड़ दिया था। वैशाली नगर सि्थत कार्यालय में मीटिंग के दौरान चावला सिगरेट पीने के लिए बाहर निकले तो शूटरों ने उन पर गोली चला दी और फरार हो गए। मुख्य आरोपी श्योराण की कंपनी के देश के कई राज्यों में प्रोजेक्ट चल रहे हैं। कंपनी हिसार में और कारपोरेट कार्यालय गुरुग्राम में है। कंपनी ने जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, गुजरात, आंध्रप्रदेश और नेपाल में कई हाइवे और सिविल कार्यों के प्रोजेक्ट ले रखे हैं।
गुरुग्राम-कोटपुतली-जयपुर खंड पर बन रहा एफओबी
पुलिस ने बताया कि एनएचएआई ने गुरुग्राम-कोटपुतली-जयपुर खंड पर एफओबी के निर्माण के लिए श्योराण की कंपनी का चयन किया था। इसके लिए 35 करोड़ का टेंडर निकाला गया था। सभी एफओबी सिंगल स्पान(बिना बीच में पिलर वाले) वाले बनाने थे और निर्माण पूरा करने की अवधि अगस्त 2021 तय की गई थी। इस प्रोजेक्ट पर निगरानी के लिए एनएचएआई ने एक और फर्म का चयन किया था, जिसने चावला को प्रोजेक्ट कंसल्टेंट के रूप नियुक्त किया था। चावला का काम निर्माण कार्य और तकनीकी पहलुओं पर भी नजर रखना था।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- विकास निवासी गुरुग्राम
- धर्मेंद्र निवासी उरलाना कलां, पानीपत
- अमित नेहरा निवासी आलमपुर भिवानी
- नवीन बिस्ला निवासी गांव उरलाना, पानीपत
- कंपनी मालिक करणदीप श्योराण निवासी गुरुग्राम
- रामधिया निवासी उरलाना कलां, पानीपत