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Rithala Fire: 10 साल के बच्चे को मां का इंतजार, फैक्टरी में आग लगने के बाद से गायब; डीएनए रिपोर्ट का इंतजार
Tue, 01 Jul 2025 04:52 AM IST
विजय पुंडीर
शुजात आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली
शुजात आलम, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Tue, 01 Jul 2025 04:52 AM IST
सार
ललिता प्लास्टिक बैग बनाने वाली फैक्टरी में महज छह हजार रुपये महीना पर काम करती है। इसी फैक्टरी में काम करने वाली नीलम के अलावा तीसरी मंजिल पर रूम फ्रेशनर की फैक्टरी चलाने वाले राकेश अरोड़ा भी गायब हैं।
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Delhi Factory Fire
- फोटो : ANI
विस्तार
दस साल का सुमित अपनी मां के इंतजार में टकटकी लगाए दरवाजे की ओर ही देखता रहता है। उसे उम्मीद है कि उसकी मां एक दिन उसके पास जरूर आएगी। बार-बार वह अपने पिता से पूछता है कि उसकी मम्मी कब आएंगी। रिठाला में प्लास्टिक बैग, टिशू पेपर और रूम फ्रेशनर स्प्रे बनाने वाली फैक्टरी में आग लगने के बाद से सुमित की मां ललिता (35) गायब है।
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ललिता प्लास्टिक बैग बनाने वाली फैक्टरी में महज छह हजार रुपये महीना पर काम करती है। इसी फैक्टरी में काम करने वाली नीलम के अलावा तीसरी मंजिल पर रूम फ्रेशनर की फैक्टरी चलाने वाले राकेश अरोड़ा भी गायब हैं। आग पर काबू पाने के बाद इमारत से चार शव बरामद हुए थे। पुलिस ने इनके परिजनों के डीएनए सैंपल भी लिए थे, लेकिन एक सप्ताह बाद भी डीएनए रिपोर्ट नहीं आई है। अब परिजनों से बुधवार या बृहस्पतिवार तक रिपोर्ट आने की बात की जा रही है।
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हादसे में चौथे मृतक दिलीप सिंह (62) की पहचान हो गई थी। पुलिस ने उनके शव का पोस्टमार्टम करवा दिया है, लेकिन उनका शव परिवार को नहीं सौंपा गया है। मूलरूप से बिहार के गोपालगंज की रहने वाली ललिता अपने परिवार के साथ राणा प्रताप पार्क रिठाला में रहती है। उनके परिवार में पति राधा प्रसाद के अलावा तीन बच्चे पूजा (18), शुभम (15) और 10 साल का सुमित है। ललिता नितिन बंसल की बैग बनाने की फैक्टरी में काम कर रही है।
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घटना वाले दिन वह 10 बजे फैक्टरी में काम के लिए निकली थी। उसके बाद वह वापस नहीं लौटी। बच्चों ने रातभर मां का इंतजार किया। सुबह होते ही बच्चे फैक्टरी पहुंच गए। पुलिस को पहली और दूसरी मंजिल से बुरी तरह जले हुए शवों के अवशेष मिले थे। माना जा रहा है कि इसमें ललिता भी हो सकती है। पुलिस ने पूजा का डीएनए उसकी मां से मिलान के लिए लिया है।
वहीं रिठाला की रहने वाली नीलम भी उसी दिन से गायब है। उसके परिजन भी दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। रोहिणी जिला के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त संदीप गुप्ता कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हुए। मामले में पुलिस जांच भी जारी है।