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साक्ष्यों के अभाव में दंगा आरोपी फैजान को जमानत, हाईकोर्ट ने कहा नहीं रख सकते न्यायिक हिरासत में
Sat, 24 Oct 2020 05:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 24 Oct 2020 05:04 AM IST
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दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : एएनआई
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हाईकोर्ट ने उत्तर पूर्वी दिल्ली दंगा मामले में आरोपी फैजान खान को जमानत दे दी। पुलिस के पास आरोपी के खिलाफ ठोस सबूत नहीं होने की स्थिति में पीठ ने जमानत प्रदान की। पीठ ने कहा पुलिस का आरोप है कि फैजान ने सीएए के विरोध में जामिया कॉर्डिनेशन कमेटी के छात्रों को सिम उपलब्ध करवाई थी, जिसके जरिये व्हाट्स एप ग्रुप बनाया गया था। वह उस व्हाट्स एप ग्रुप का हिस्सा भी नहीं था।
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न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत की एकल पीठ ने आरोपी को जमानत देते हुए कहा कि पुलिस ने जो आरोप लगाए हैं, उनके तहत कोई ठोस साक्ष्य रिकॉर्ड पर नहीं है। पुलिस ने उसके खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया है, लेकिन उसके खिलाफ न ही कोई सीसीटीवी फुटेज मौजूद है और न ही गवाह है।
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पीठ ने कहा कि पुलिस की ओर से आरोपी के खिलाफ ऐसा भी कोई आरोप नहीं है कि वह किसी भी तरह से टेरर फंडिंग से जुड़ा है और न ही यह आरोप लगाया कि सीएए के विरोध प्रदर्शन में उसका हाथ था। पुलिस ने आरोप लगाया कि उसने फर्जी आईडी पर सिम दी। यह आरोप नहीं है उसने किस मकसद के लिए सिम दी या उसे पता था कि सिम का प्रयोग किस मकसद के लिए किया जाएगा।
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पीठ ने पुलिस से पूछा कि क्या इस मामले में उसके पास आरोपी के खिलाफ व्हाट्स एप चेट, मैसेज या अन्य कोई साक्ष्य है? इस पर पुलिस की ओर से कोई जवाब न मिलने पर पीठ ने कहा कि आरोपी के खिलाफ जो आरोप लगाए हैं, उनके समर्थन में कोई ठोस सबूत मौजूद नहीं है। इसलिए आरोपी को न्यायिक हिरासत में नहीं रखा जा सकता।