खुलासा: उत्तमनगर के तिहरे मर्डर का सच बेहद खौफनाक है
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उत्तम नगर थाना पुलिस ने आबकारी इंस्पेक्टर की पत्नी और दो बच्चों की हत्या का मामला सुलझाने का दावा किया है। तिहरे हत्याकांड को महिला के जीजा ने अपने दो सहयोगी के साथ मिलकर अंजाम दिया।
मुख्य आरोपी की सहारनपुर में संदिग्ध हालात में मौत हो चुकी है। पुलिस ने मुख्य आरोपी के दो सहयोगियों को सहारनपुर से गिरफ्तार कर महिला के जेवरात बरामद करने का दावा किया है।
दक्षिण पश्चिम परिक्षेत्र के संयुक्त आयुक्त दीपेंद्र पाठक ने बताया कि 1 जून की रात उत्तम नगर के मोहन गार्डन इलाके में रहने वाले आबकारी इंस्पेक्टर अमित कुमार की पत्नी दीपमाला और दो बच्चों सक्षम (10) और शैली (7) की गला रेत कर हत्या कर दी गई।
जिसने रचा हत्याकांड उसकी मिली लाश
पुलिस घटनास्थल का मुआयना करने के बाद इस नतीजे पर पहुंची कि किसी परिचित ने वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस ने अमित से पूछताछ की। अमित ने सहारनपुर में रहने वाले अपने साढ़ू जाटव नगर, सहारनपुर निवासी दीपक पर हत्या करने का शक जताया।
इस खुलासे के बाद पुलिस ने दीपक पर शिकंजा कसा। पुलिस ने जांच में पाया कि घटना वाले दिन दीपक का फोन बंद था। परिवार वालों के मुताबिक उस दिन वह दिल्ली गया था।
जब तक पुलिस दीपक से पूछताछ करती 5 जून की रात दीपक की कुतुबशेर थाना सहारनपुर के इलाके में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उसका शव रेलवे ट्रैक पर मिला। पुलिस ने दीपक के फोन डिटेल खंगाले और उसके एक सहयोगी जाटव नगर निवासी राजेश को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
जीजा को दी थी नसीहत और अंजाम हुआ खौफनाक
राजेश ने खुलासा किया कि दीपक और उसकी पत्नी मधु के बीच संबंध अच्छे नहीं थे। मधु ने इस बात की शिकायत अपनी बहन दीपमाला से की थी। दीपमाला ने दीपक को समझाया था और धमकी दी कि अगर वह नहीं सुधरेगा तो उसकी शिकायत पुलिस से कर देगी।
दीपक इस धमकी का बदला लेना चाहता था। उसने इसमें अपने दो सहयोगियों राजेश और गुलशन को शामिल किया। पुलिस ने बाद में गुलशन को भी गिरफ्तार कर लिया।
दोनों आरोपी पेशे से मोची का काम करते हैं। उनके निशानदेही पर पुलिस ने दीपमाला के जेवरात बरामद कर लिए हैं।
‘दीपक ने अकेले की थी हत्या’
पुलिस जांच में पता चला कि दीपक ने अकेले ही दीपमाला और उसके दो बच्चों की हत्या की। घटना वाले दिन वह दीपमाला के घर पहुंचा। चाय पीने के बाद दीपमाला घर के अंदर जाने लगी।
इसी दौरान उसने पीछे से दीपमाला का चुन्नी से गला घोंटने की कोशिश की, लेकिन दीपमाला के चिल्लाने पर आरोपी ने चाकू से उसका गला रेत दिया। दीपमाला के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसके दोनों बच्चे सक्षम और शैली उस कमरे में आ गए।
जिन्हें आरोपी ने चाकू दिखाकर बाथरूम में ले गया और दोनों का गला रेत दिया। उसके बाद आरोपी दीपमाला के पहने जेवरात कान की बाली और पर्स में रखे रुपये लेकर घर से बाहर आया।
उसने बाहर से दरवाजे पर ताला लगाकर सहारनपुर भाग गया। सहारनपुर पहुंचने के बाद उसने राजेश को दीपमाला की कान की बाली दी। जिसे राजेश ने भरत के पास गिरवी रखकर चार हजार रुपये दीपक को सौंप दिए।