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जनप्रतिनिधियों की शिकायत का 15 दिनों में करें समाधान
टीम डिजिटल/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Sat, 11 Jun 2016 04:09 PM IST
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प्रशासनिक अधिकारी जनप्रतिनिधियों की शिकायत का 15 दिनों के अंदर समाधान करें। यही नहीं संबंधित समस्या के निवारण का पूरा ब्यौरा भी उन्हें लिखित रूप में पार्षदों को भी मुहैया कराना होगा। इससे आमजन की समस्याओं के समाधान की गति में तेजी आएगी।
शुक्रवार को यह बात गुड़गांव के अतिरिक्त उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने जिला परिषद की साधारण सभा के दौरान कही। बैठक की अध्यक्षता जिला परिषद के चेयरमैन कल्याण सिंह ने की।
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उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पार्षद समाज में जनप्रतिनिधि की भूमिका निभाते हैं और आम जनता की उनसे अपेक्षाएं रहती हैं। ऐसे में अधिकारियों के माध्यम से ही शिकायतों का निवारण हो सकता है। एडीसी ने कहा कि अधिकारी जिला परिषद की बैठक को गंभीरता से लें। क्योंकि यही लोगों की समस्याओं के निवारण के लिए एक प्लेटफार्म प्रदान करती है।
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पार्षदों के मांग पत्रों को होल्ड नहीं करने का भी उन्होंने निर्देश दिया। पिछली बैठक के निर्णयों की भी समीक्षा की गई। जिला परिषद के उप कार्यकारी अधिकारी अश्वीर नैन ने बताया कि दमदमा झील में त्योहारों में मूर्ति विसर्जन पर रोक के लिए खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को पत्र लिखा गया है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि पार्षद चौथे राज्य वित्त आयोग के तहत अपने-अपने वार्डों में गलियों को पक्का करवाने, सामुदायिक केंद्र का निर्माण, शमशान भूमि की चारदिवारी और शेड सहित अन्य कामों पर 10 लाख रुपये खर्च कर सकते हैं।