फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Research: Effect of bad lifestyle...the age of becoming a mother started decreasing

Research : खराब जीवन शैली का असर... घटने लगी मां बनने की उम्र, 30 पार करते ही कम होने लगी प्रजनन क्षमता

Mon, 02 Sep 2024 02:20 AM IST
दुष्यंत शर्मा राकेश शर्मा, नई दिल्ली
राकेश शर्मा, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 02 Sep 2024 02:20 AM IST
सार

स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के डॉक्टरों के शोध से पता चला है कि भारतीय महिलाओं में 31 से 33 साल की उम्र ही प्रजनन क्षमता घटने लगी है जबकि पश्चिमी देशों की महिलाओं में यह समस्या 38 से 39 साल में दिखती है।

विज्ञापन
Research: Effect of bad lifestyle...the age of becoming a mother started decreasing
फर्टिलिटी सेक्टर में हो रहे सुधार को लेकर दिल्ली में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस दौरान एम्स के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रमुख प्रोफेसर डॉ. नीना मल्होत्रा एवं अन्य। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शहर की युवतियों में बांझपन के लक्षण दिखने लगे हैं। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के डॉक्टरों के शोध से पता चला है कि भारतीय महिलाओं में 31 से 33 साल की उम्र ही प्रजनन क्षमता घटने लगी है जबकि पश्चिमी देशों की महिलाओं में यह समस्या 38 से 39 साल में दिखती है। आंकड़े बताते हैं कि देश के महानगरीय शहरों में रहने वाली करीब 90 फीसदी युवतियां 33 से 35 साल की उम्र में शादी करती हैं।

विज्ञापन


विशेषज्ञों का कहना है कि देर से शादी, खराब जीवन शैली, धूम्रपान व नशे की आदत, प्रदूषण, पर्यावरण, तनाव, मधुमेह, मोटापा सहित दूसरे कारणों से महिलाओं की अंडाशय में अंडे बनाने की प्रक्रिया घट रही है। लंबे समय तक यह स्थिति बांझपन का कारण बन जाती है।
विज्ञापन


एम्स के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रमुख प्रोफेसर डॉ. नीना मल्होत्रा ने बताया कि एक शोध से पता चला कि भारतीय समाज में निसंतान की समस्या तेजी से बढ़ रही है। करीब 30 साल पहले भारतीय युवती 22 से 25 साल की उम्र में शादी कर लेती थी। शहरों का विकास होने के बाद युवती की शादी करने की उम्र बढ़कर 35 से 37 साल तक पहुंच गई। शादी देर से होने के साथ कई तरह की समस्याएं भी महिलाओं को घेर रही है। इस कारण अंडाशय में अंडे बनाने की प्रक्रिया प्रभावित हुई। शोध में पता चला है कि भारतीय महिलाओं में 31 से 33 साल में ही प्रजनन क्षमता घटने लगती है, जबकि पश्चिमी देशों यह उम्र 38 से 39 साल है। यहीं कारण है कि देश में आईवीएफ की मांग तेजी से बढ़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


समय पर इलाज से राहत
डॉक्टरों का कहना है कि समय पर इलाज के साथ समस्या बढ़ाने वाले कारणों को कम करने से परेशानी कम हो सकती है। मां बनने की स्वस्थ उम्र 25 साल तक है। इसके अलावा खराब जीवन शैली को सुधार कर, धूम्रपान व नशे, तनाव, मधुमेह, मोटापा को नियंत्रित कर भी समस्या से बच सकते हैं।

पुरुषों में भी बढ़ रही समस्या
शराब का सेवन, तंबाकू, मोटापा, खराब जीवन शैली सहित दूसरे कारणों से पुरुषाें के शुक्राणु भी प्रभावित हो रहे हैं। पुरुषों में 50 से 55 साल की उम्र के बाद शुक्राणु प्रभावित होने हैं, लेकिन उक्त कारणों से कम उम्र के युवा भी इसके शिकार हो रहे हैं।

स्टेम सेल्स की मदद से सुधर रही प्रजनन क्षमता
फर्टिलिटी सेक्टर में हो रहे सुधार को लेकर दिल्ली में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस आयोजन में आईवीएफ के साथ प्रजनन क्षमता में सुधार को लेकर विकसित हो रहे नए तकनीक पर चर्चा हुई।

डॉ. सोनिका मलिक ने बताया कि निसंतान युगल के लिए स्टेम सेल तकनीक मदद कर सकती है। देश में यह तकनीक ट्रायल स्तर पर है। कुछ सेंटरों पर इसका ट्रायल हुआ। परिणाम बेहतर मिले हैं। इस तकनीक में मरीज के कूल्हे की हड्डी से 60 एमएल खून लेकर उसे साफ किया जाता है। साफ किए गए खून से स्टेम सेल्स निकालकर कर मरीज में इंजेक्ट किया जाता है। ऐसे 36 मरीजों पर यह ट्रायल हुआ।


इसमें देखा गया कि महिलाओं के अंडकोष के आकार में सुधार हुआ। साथ ही अंडकोष में अंडे पुनर्जीवित हो पाए। साथ ही इनकी संख्या में भी वृद्धि देखी गई। फिलहाल यह ट्रायल कम उम्र की ऐसी महिलाओं पर ट्रायल हुआ अंडे सूख गए हैं। फिलहाल इसमें आगे का शोध चल रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed