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जमीयत उलेमा-ए-हिंद के मंच पर बवाल: मौलाना अरशद मदनी बोले- ओम और अल्लाह एक; भड़के धर्मगुरुओं ने छोड़ा मंच

Sun, 12 Feb 2023 01:41 PM IST
विजय पुंडीर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Sun, 12 Feb 2023 01:41 PM IST
सार

जैन मुनि लोकेश ने मदनी के बयान का विरोध करते हुए कहा कि यह अधिवेशन लोगों को जोड़ने के लिए हो रहा है। ऐसे में आपत्तिजनक बातें क्यों?

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Religious leaders got angry on the statement of Maulana Arshad Madni
मौलाना अरशद मदनी - फोटो : ANI

विस्तार

जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अधिवेशन के आखिरी दिन मौलाना अरशद मदनी के बयान पर बवाल हो गया। जमीयत उलेमा-ए-हिंद के 34वें अधिवेशन में मौलाना अरशद मदनी ने मोहन भागवत के बयान की आलोचना करते हुए कहा कि अल्लाह और ओम एक हैं। जिनके बयान के विरोध में अधिवेशन में पहुंचे अलग-अलग धर्मगुरु मंच छोड़कर चले गए।

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मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि मैंने बड़े-बड़े धर्म गुरुओं से पूछा जब कोई नहीं था, न श्री राम, न ब्रह्मा थे, न शिव थे, तो सवाल पैदा होता है? तब मनु पूजते किसको थे? कोई कहता है शिव को पूजते थे, लेकिन उनके पास ईलम नहीं है। वहीं बहुत कम लोग बताते हैं कि मनु नाम का कुछ नहीं था दुनिया में, वो ओम को पूजते थे, तो मैनें कहा ओम कौन है? तो फिर बहुत से लोगों ने कहा वो एक हवा है, जिनका कोई रुप नहीं है, जिसका कोई रंग नहीं है वो दुनिया में हर जगह है। जिन्होंने आसमान बनाया ,धरती बनाई तो मैनें कहा अरे बाबा इन्हीं को तो हम अल्लाह कहते हैं, इन्हीं को तो तुम ईश्वर कहते हो, इसी को तो हम अल्लाह कहते हैं, फारसी बोलने वाले खुदा और अंग्रेजी बोलने वाले गॉड कहते हैं. इसका मतलब ये है कि मनु एक अल्लाह एक ओम यानि को पूजते थे। ये हमारे मुल्क की ताकत है।
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जैन मुनि लोकेश ने मदनी के बयान का विरोध करते हुए कहा कि यह अधिवेशन लोगों को जोड़ने के लिए हो रहा है। ऐसे में आपत्तिजनक बातें क्यों? इसके बाद वे कार्यक्रम से उठकर चले गए। उनके बाद दूसरे धर्मों के संतों ने भी मंच छोड़ दिया।

जमीयत प्रमुख बोले- भारत जितना मोदी और भागवत का उतना ही मदनी का
भारत जितना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत का है, उतना ही मदनी का भी है। रामलीला मैदान में चल रहे जमीयत के 34वें सत्र के दौरान शनिवार को जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना महमूद मदनी ने यह बातें कही थीं।

'पैगंबर का जन्म यहीं हुआ था और यह मुसलमानों का पहला वतन'
अधिवेशन में मौलाना महमूद मदनी ने शनिवार को कहा था कि अल्लाह के पहले पैगंबर का जन्म यहीं हुआ था और यह मुसलमानों का पहला वतन है। उन्होंने यह दावा भी किया कि देश में पिछले कुछ वर्षों में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं और सरकार और प्रशासन को जिस तरह कार्रवाई करनी चाहिए थी, नहीं की। उन्होंने कहा, इस तरह की घटनाओं के खिलाफ हम आवाज भी उठाएंगे और लड़ाई भी लड़ेंगे। मदनी ने कहा कि अल्पसंख्यकों का आरएसएस, भाजपा या फिर बहुसंख्यकों से कोई धार्मिक या नस्ली द्वेष नहीं है। उन्होंने देश को महाशक्ति बनाने के लिए संघ प्रमुख भागवत को आपसी बैर और दुश्मनी को भुलाकर एक-दूसरे से गले मिलने का न्योता दिया।

धार्मिक नफरत फैलाना राष्ट्रीय अपराध माना जाए: जमीयत
जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने कहा कि अलग-अलग धर्मावलंबियों के बीच दरार डालने की कोशिशों को राष्ट्रीय अपराध घोषित किया जाना चाहिए। संगठन ने केंद्र सरकार के पसमांदा मुस्लिमों तक पहुंच बनाने की कोशिशों का भी स्वागत किया। जमीयत के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने संगठन की 34वें आमसभा की तीन दिनी बैठक के अंतिम दिन बयान जारी कर कहा, जमीयत उलेमा-ए-हिंद धार्मिक नफरत और सांप्रदायिकता को देश की अखंडता के लिए सबसे बड़ा खतरा समझता है। यह हमारी विरासत और चरित्र से मेल नहीं खाता। ऐसे में विभिन्न धर्मों के बीच नफरत फैलाने की कोशिश को राष्ट्रीय अपराध माना जाए। जिहाद के नाम पर कट्टरता और हिंसा की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने वाले कथित संगठन हमारे सहयोग के लायक नहीं हैं। इनके साथ किसी भी तरह का सहयोग देश या इस्लाम के हित में नहीं है। देश के लिए बलिदान, वफादारी और देशभक्ति हमारी राष्ट्रीय और धार्मिक जिम्मेदारी है। जमीयत ने देश की न्यायपालिका पर कहा कि उच्चतम न्यायालय और देश की अन्य अदालतें भारत के लोकतंत्र की संरक्षक और ताकत हैं, लेकिन कुछ समय से यह आम धारणा है कि अदालतें राज्य के दबाव में काम कर रही हैं। जमीयत ने कहा, यह स्थिति स्वीकार्य नहीं है।

मदनी की वास्तविक मानसिकता उजागर हो गई: विहिप
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने रविवार को जमीयत उलमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी के बयान पर निशाना साधते हुए कहा कि इससे उनकी वास्तविक मानसिकता उजागर हो गई। मदनी ने जमीयत के मंच से कहा था कि ओम और अल्लाह एक ही भगवान हैं और मनु ने इन्हीं की पूजा की। मदनी की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने एक वीडियो बयान में कहा, यह सद्भावना सम्मेलन था या फिर जमीयत के विषैले समूह का जमावड़ा।
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