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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Relatives were inconsolable outside the post-mortem house; the bodies were handed over after a long wait of eight hours.

Delhi NCR News: पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, आठ घंटे के लंबे इंतजार के बाद मिले शव

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 09 Oct 2026 08:58 PM IST
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सड़क पर खड़ी मां-बेटी बनीं मलबे का शिकार, 12 वर्षीय बच्ची के अंग डीएनए जांच के लिए मोर्चरी में रखवाए
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अमर उजाला ब्यूरो
पूर्वी दिल्ली। सीमापुरी इमारत हादसे में जान गंवाने वाले मासूमों और महिलाओं की मौत के बाद जीटीबी अस्पताल परिसर में दिनभर चीख-पुकार और मातम का माहौल बना रहा। शुक्रवार देर शाम पुलिस और डॉक्टरों की टीम ने आवश्यक कागजी कार्रवाई और पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद मृतका गुलअफ्शां और उसकी मासूम बेटी जोया के शव परिजनों को सौंप दिए। इससे पहले हादसे में जान गंवाने वाली हाजिरा और नुसरत के शवों का गुरुवार देर शाम पोस्टमॉर्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया था। दोनों को देर रात गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। वहीं, हादसे में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई एक कथित 12 वर्षीय बच्ची के शरीर के अंगों को शिनाख्त और पहचान से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने तक मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया गया है।

अस्पताल की मोर्चरी के बाहर बदहवास हालत में बैठीं मृतका गुलअफ्शां की मां शायरा बानो ने बताया कि वह अपने पति, बेटी की फूफी नूर बानो और अन्य रिश्तेदारों के साथ सुबह करीब आठ बजे ही जीटीबी अस्पताल पहुंच गई थीं। दिनभर लंबे और थका देने वाले इंतजार के बाद शाम करीब पांच बजे मां-बेटी के शव परिजनों को मिल सके। बिलखते परिजनों ने बताया कि पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी गुलअफ्शां अपनी बेटी जोया के साथ पिछले कुछ समय से मायके में रह रही थी। उसकी तीन बहनों और एक भाई सद्दाम की शादी हो चुकी है।
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घटना के वक्त की खौफनाक यादें साझा करते हुए परिजनों ने बताया कि रोजाना की तरह गुलअफ्शां के माता-पिता मजदूरी और अन्य काम के लिए घर से बाहर गए हुए थे। गुलअफ्शां अपनी बेटी को लेकर सड़क किनारे खड़ी थी। तभी अचानक जर्जर इमारत का भारी-भरकम हिस्सा ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर पड़ा। मां-बेटी को संभलने तक का मौका नहीं मिला और दोनों मलबे के नीचे दब गईं। स्थानीय लोगों की मदद से जब तक उन्हें मलबे से बाहर निकाला गया, तब तक काफी देर हो चुकी थी। इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर है।
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