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कंटेनर डिपो पर फंसा कच्चा माल, कैसे चलेंगी पेपर मिल

Thu, 30 Apr 2020 06:09 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 30 Apr 2020 06:09 AM IST
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Raw material stuck at container depot during lockdown how will the paper mill run
demo pic - फोटो : अमर उजाला

आवश्यक वस्तुओं का उत्पादन करने वाली इकाइयों की राह में अड़चन खड़ी हो गई है। लॉकडाउन के दौरान शुल्क (डैमरेज, डिटेंशन और ग्राउंड रेंट) न वसूले जाने के सरकार के फैसले का पालन नहीं किया जा रहा है। 

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इसकी वजह से देश के विभिन्न हिस्सों में इनलैंड कंटेनर डिपो (आईसीडी) और कंटेनर फ्रेट स्टेशनों (सीएफएस) पर वेस्ट पेपर से लदे हजारों कंटेनर खड़े हो गए हैं। कच्चे माल के अभाव में पेपर मिल्स में काम शुरू नहीं हो पा रहा है।
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खासतौर पर दादरी आईसीडी पर दिशानिर्देशों का पालन न किए जाने का आरोप लगा है। हालांकि, सीमा शुल्क विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने इस समस्या के समाधान के लिए बैठकों का दौर शुरू कर दिया है। बुधवार को भी इस सिलसिले में आईसीडी संरक्षकों के साथ बातचीत की गई। वहीं, इंडियन एग्रो एंड रीसाइकिल्ड पेपर मिल्स एसोसिएशन (आईएआरपीएमए) ने इस मामले की शिकायत वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, वित्त मंत्रालय और शिपिंग महानिदेशालय से की है। 
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आइएआरपीएमएस के अध्यक्ष प्रमोद अग्रवाल ने बताया कि सरकार की तरफ से ग्रीन जोन में कारखाने शुरू करने की अनुमति मिलने के बाद भी पेपर मिल कच्चे माल (वेस्ट पेपर) के अभाव में काम शुरू कर पाने में सक्षम नहीं हैं। इससे पेपर मिलों के बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मिल मालिकों को कई तरह के शुल्क, वेतन, बिजली बिल, प्लांट और कर्मचारियों का रखरखाव व ठहरने की व्यवस्था जैसे बड़े खर्च संभालने हैं, लेकिन कुछ आईसीडी शिपिंग लाइन सरकार के दिशा-निर्देशों की अवहेलना कर अनावश्यक रूप से परेशान कर रही हैं।  

वहीं, इस मामले में प्रिंसिपल कमिश्नर (सीमा शुल्क) वी ऊषा से संपर्क नहीं हो पाया। लेकिन उनके पीए अनीश ने बताया कि डैमरेज, डिटेंशन और ग्राउंड रेंट का मामला जल्द हल हो जाएगा। इस मामले में मीटिंग हो चुकी है। उसके बाद  सार्वजनिक नोटिस भी जारी कर दिया गया है। 

ये है पूरा मामला
पोत परिवहन मंत्रालय की तरफ से देश में सभी बंदरगाहों, आईसीडी और सीएफएस को दिशानिर्देश जारी किए गए थे कि, 22 मार्च से 3 मई तक लॉकडाउन के दौरान गुड्स कंसाइनमेंट के आयात व निर्यात के लिए डैमरेज, डिटेंशन और ग्राउंड रेंट न लिया जाए। आईएआरपीएमए के मुताबिक आईसीडी शिपिंग लाइन और सीएफएस सरकार के निर्देशों को दरकिनार कर शुल्क वसूलने का दबाव बना रहे हैं। 

नहीं मिली राहत तो उद्योगों की थमेगी रफ्तार
फूड प्रोसेसिंग, फार्मा एवं अन्य आवश्यक उत्पाद तो बन रहे हैं पर पैकेजिंग मैटेरियल बनाने के लिए कच्चा माल नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में पेपर मिलों का रास्ता जल्द साफ नहीं हुआ तो आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होना भी तय माना जा रहा है। आईएआरपीएमए ने उद्योग जगत की सहायता के लिए सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करते हुए शुल्क में छूट दिलाने का अनुरोध किया है, क्योंकि पहले ही मुश्किल वित्तीय हालात से गुजर रही मिल्स को अन्य किसी नुकसान से बचाने के लिए ऐसा करना बहुत जरूरी है।


मामला हमारे संज्ञान में आया है। यह समस्या अधिकांश जगह सुनने को मिल रही है। मंगलवार को आयुक्तालय से आईसीडी कस्टोडियन को एडवाइजरी भी जारी की जा चुकी है, इससे बाद भी रियायतें नहीं दिए जाने की सूचनाएं मिल रही हैं। बुधवार को इस संबंध में कस्टोडियन के साथ बातचीत की गई है। प्राथमिकता के आधार पर समस्या का समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।
-मनवेश, सीमा शुल्क संयुक्त आयुक्त, नोएडा

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