डीपीएस में बच्ची से दुष्कर्म का मामला: प्रबंधन को भी केस में आरोपी बनाएंगे परिजन
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डीपीएस में मासूम से दुष्कर्म के मामले में परिजनों का कहना है कि प्रबंधन की लापरवाही से ही उनकी बच्ची से दरिंदगी हुई है। वारदात के बाद भी प्रबंधन आरोपी पर कार्रवाई की जगह बचाव की मुद्रा में रहा और बच्ची व उसके दादा पर ही सवाल उठाने लगा। इसी कारण अब वह मामले की जांच में बयानों में स्कूल प्रबंधन की लापरवाही दर्ज कराते हुए उन्हें आरोपी बनाएंगे।
अमर उजाला संवाददाता से फोन पर पिता ने कहा कि कोई भी अभिभावक मोटी फीस देकर बच्चे को इसलिए स्कूल नहीं भेजता कि वहां सुरक्षा में कोई चूक न हो, लेकिन उनकी बच्ची की सुरक्षा में भारी चूक हुई।
आरोप है कि जब उन्हें बच्ची के साथ कुछ अनहोनी की आशंका हुई तो पत्नी ने शिक्षिका से संपर्क किया था, लेकिन उसने बात को गंभीरता से न लेते हुए, किसी घटना से इंकार कर दिया। जब बच्ची ने आरोपी को पहचान लिया तो स्कूल प्रबंधन यह कहकर आरोपी चंडीदास का बचाव करने लगा कि वह ऐसा कर ही नहीं सकता, क्योंकि वह 13 साल से उनके यहां काम कर रहा है।
‘घर में दादाजी भी तो रहते हैं’
पुलिस के मुताबिक, परिजनों ने उन्हें जानकारी दी है कि जब उन्होंने इस संबंध में स्कूल प्रबंधन से बात की तो वह बच्ची के व्यवहार पर ही सवाल उठाने लगे। उन्होंने एक ऐसे शब्द का प्रयोग किया, जो साढ़े तीन साल की बच्ची के लिए करना जरा भी उचित नहीं है। इसके अलावा जब यह बताया गया कि बच्ची ने आरोपी को पहचानकर जितना वह बता सकती है उतना बताया है तो एक शिक्षिका ने कहा कि घर में बच्ची के दादाजी भी तो रहते हैं।
आरोपी चंडीदास को जेल भेजा
‘एफआईआर कराई तो प्रदर्शन कर सकते हैें चंडीदास के साथी’
पुलिस के मुताबिक, परिजनों ने उन्हें जानकारी दी है कि प्रबंधन के लोग लगातार उनके मोबाइल पर कॉल कर रहे हैं। शनिवार को उनके पास कॉल कर उनसे कहा गया कि वह इस मामले में चंडीदास के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कराएं। अगर चंडीदास के खिलाफ एफआईआर होगी तो उसके मजदूर साथी धरना प्रदर्शन कर सकते हैं। इसके अलावा एक शिक्षिका ने बच्ची से मिलने के लिए भी कॉल की।
दुष्कर्म के आरोपी पश्चिम बंगाल निवासी चंडीदास को पुलिस ने कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। इससे पहले पुलिस ने आरोपी से गहन पूछताछ की। सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने आरोपी से पूछा कि उसने बच्ची से दुष्कर्म किया नहीं। वह कब से ये सब कर रहा था, लेकिन आरोपी गुमराह करने का प्रयास करता रहा और दरिंदगी की बात से इंकार करता रहा।
कॉरिडोर, क्लासरूम और कुछ अन्य स्थानों नहीं है सीसीटीवी
पुलिस पड़ताल में अब तक घटनास्थल को लेकर पुष्टि नहीं की गई है। हालांकि, पुलिस क्लास रूम से लेकर स्वीमिंग पूल के आसपास को घटनास्थल मानकर जांच कर रही है। ये भी पता चला है कि क्लास रूम और स्वीमिंग पूल में सीसीटीवी नहीं है। इससे भी स्कूल की लापरवाही उजागर हो रही है।
स्कूल प्रबंधन ने की है कोतवाली पुलिस की शिकायत
स्कूल प्रबंधन से जुड़े किसी व्यक्ति ने बच्ची से दुष्कर्म के मामले में सूरजपुर कोतवाली पुलिस पर आरोप लगाकर अधिकारियों से शिकायत कर दी है। आरोप लगाया गया है कि 12 जुलाई को सूरजपुर कोतवाली पुलिस स्कूल आई थी।
वहीं, यह भी पता चला है कि स्कूल की कोई शिक्षिका अपने परिवार के किसी व्यक्ति के दिल्ली पुलिस अधिकारी होने का हवाला देकर भी धमकी दे रही है। हालांकि प्रबंधन इसे नकार रहा है। सूरजपुर कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार पंत ने बताया कि पूछताछ में कई बात सामने आईं हैं, ये विवेचना का हिस्सा हैं। अभी इन्हें उजागर नहीं किया जा सकता।
स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों को भेजा मेसेज व वीडियो
बच्ची से दुष्कर्म के मामले में डीपीएस प्रबंधन ने स्कूल की भूमिका को पाक साफ बताते हुए अभिभावकों के मोबाइल नंबरों पर मेसेज भेजा है। इसमें प्रिंसिपल का एक वीडियो भी शेयर किया गया है जिसमें वह दुष्कर्म की वारदात को भ्रामक होने का दावा कर रहीं हैं। इसमें भी चंडीदास का बचाव करते हुए कहा गया है कि सीसीटीवी का अध्ययन करने के बाद उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है। इसमें ये भी दावा किया जा रहा है कि घटना की जानकारी होने पर स्वीमिंग पूल की देखरेख के लिए रखे गए चंडीदास को उन्होंने पुलिस को सौंप दिया।
धमकी दी है तो कार्रवाई होगी
आशीष श्रीवास्तव, एसपी देहात का कहना है कि, मामले में सोमवार को पुलिस टीम एक बार फिर स्कूल जाकर पड़ताल करेगी। आरोपी खुद को निर्दोष बताता रहा है। बच्ची से काउंसलर और उसकी मां के जरिये बात की जाएगी। अगर, परिजन को कॉलेज प्रबंधन की ओर से धमकी दी गई तो इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।