डेनमार्क से आई गैंगरेप पीड़िता, आरोपियों को पहचाना
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सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता डेनमार्क निवासी महिला ने बुधवार को तीस हजारी स्थित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट में बयान दर्ज करवाया। पीड़िता ने अदालत में मौजूद छह आरोपियों में से तीन आरोपियों, अपने कपड़ों व दूसरे सामान को पहचाना। अदालती समन के मद्देनजर पीड़िता डेनमार्क से गवाही देने आई है।
पीड़िता ने कहा कि आरोपी महेंद्र उर्फ गंजा ने उसे छुरा दिखाकर धमकाया था। गवाही के दौरान पीड़िता दो बार रो पड़ी। गवाही करीब पांच घंटे चली। इस दौरान लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव व न्याय मित्र अधिवक्ता दिनेश शर्मा ने उससे जिरह की।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कावेरी बावेजा की कोर्ट में पीड़िता ने कैमरा प्रोसीडिंग में छह बालिग में से तीन आरोपियों की पहचान की। महिला से 14 जनवरी 2014 की रात सामूहिक दुष्कर्म हुआ था।
डेढ़ साल पहले चाकू दिखाकर 8 लोगों ने किया था गैंगरेप
पीड़िता ने पहले चार आरोपियों को पहचाना, लेकिन एक के बारे में कहा कि वह उसके बारे में पूरे यकीन से नहीं कह सकती क्योंकि घटना को हुए डेढ़ साल से ज्यादा समय हो गया है।
अदालत ने पीड़िता के साथ डेनमार्क से आए पुलिस इंस्पेक्टर रसमुस नेल्सन व एक महिला डॉक्टर का बयान दर्ज करने के लिए बृहस्पतिवार की तारीख तय की है। पीड़िता ने भारत से जाने के बाद डेनमार्क पुलिस को शिकायत दी थी, जिसके बाद वहां उसका मेडिकल करवाया गया था।
दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट में कहा था कि पीड़िता के साथ नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास स्टेट एंट्री रोड पर रेलवे अधिकारी क्लब के पास आठ युवकों ने चाकू दिखाकर उससे सामूहिक दुष्कर्म, मारपीट व लूटपाट की थी।