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ED Raids: दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और देहरादून में 11 ठिकानों पर छापा, साइबर धोखाधड़ी मामले में एक्शन
Wed, 06 Aug 2025 09:36 AM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: अनुज कुमार
Updated Wed, 06 Aug 2025 09:36 AM IST
सार
सीबीआई और दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत यह कार्रवाई की गई।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 260 करोड़ रुपये के वैश्विक साइबर धोखाधड़ी मामले की जांच के तहत एनसीआर में दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और देहरादून में 11 स्थानों पर छापे मारे। सीबीआई और दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत यह कार्रवाई की गई।
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ईडी के अधिकारियों ने बताया कि आरोपी फर्जी पुलिसकर्मी और जांच अधिकारी बनकर भारतीयों सहित विदेशी नागरिकों को गिरफ्तारी की धमकी देकर उनसे वसूली करते थे। आरोपियों ने पीड़ितों से जबरन ऑनलाइन पैसे अपने खातों में डलवाए। साइबर अपराधियों ने माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन टेक-सपोर्ट अधिकारियों के रूप में भी खुद को पेश कर पीड़ितों को धोखा दिया और ठगी की।
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ईडी ने बताया कि धोखाधड़ी से एकत्र करोड़ों रुपये पहले क्रिप्टोकरेंसी में बदले गए, फिर कई वॉलेट में ट्रांसफर किए गए। जांच के दौरान बिटकॉइन के रूप में लगभग 260 करोड़ रुपये की राशि का पता चला है, जिसे बाद में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) स्थित हवाला ऑपरेटरों के जरिये नकदी में परिवर्तित किया गया।
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गुजरात और महाराष्ट्र में भी ईडी ने मारे थे छापे
ईडी ने गुजरात और महाराष्ट्र में 25 जून को छापे मारकर 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा धरपकड़ की थी। सूरत और अहमदाबाद के अलावा मुंबई में भी पीएमएलए के तहत ईडी ने कार्रवाई की थी। ईडी ने मुख्य आरोपी मकबूल डॉ., काशिफ, डॉ. अब्दुल रहीम समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने पीड़ितों को ईडी के फर्जी नोटिस जारी कर उन्हें डिजिटल अरेस्ट की धमकी दी थी।