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द क्विंट के संस्थापक राघव बहल के घर आयकर विभाग की छापेमारी, हर तरफ से हो रही आलोचना

Thu, 11 Oct 2018 11:28 AM IST
भाषा, नई दिल्ली
भाषा, नई दिल्ली Updated Thu, 11 Oct 2018 11:28 AM IST
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Raid on the quint founder Raghav bahl home

आयकर विभाग ने आज कथित कर चोरी से जुड़े एक मामले में मीडिया क्षेत्र के दिग्गज राघव बहल के ठिकानों की तलाशी ली। अधिकारियों ने बताया कि आयकर अधिकारियों की एक टीम ने तड़के नोएडा स्थित बहल के आवास पर छापा मारा और जिस मामले की जांच की जा रही है उससे संबंधित दस्तावेज और अन्य सबूत तलाश रहे हैं।

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ऐसा माना जा रहा है कि विभिन्न लोगों द्वारा कर चोरी किए जाने के मामले से जुड़ी जांच के संबंध में कुछ अन्य लोगों के परिसरों की भी तलाशी ली जा रही है। बहल समाचार पोर्टल ‘क्विंट’ और ‘नेटवर्क 18’ समूह के संथापक और जाने-माने मीडिया कारोबारी हैं।
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राघव बहल एक भारतीय व्यापारी हैं जो टीवी 18 समेत कई टेलीविजन चैनलों के संस्थापक हैं। राघव ने नेटवर्क 18 से बाहर निकलने के बाद कुइंटीलियन मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की।
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क्या बोले राघव
अपने कई ठिकानों पर रेड के बाद राघव बहल ने एडिटर्स गिल्ड को दिए अपने बयान में कहा है कि, 'मेरे लिए ये बहुत चिंता की बात है जो मैं गिल्ड से साझा करना चाहता हूं। जब मैं मुंबई में था तब आज सुबह दर्जनों आयकर अधिकारी मेरे घर और द क्विंट के दफ्तर सर्वे के लिए पहुंचे।'

उन्होंने बताया कि वह दिल्ली लौट रहे हैं और काफी तनाव में हैं। उनका कहना है कि हम अपना पूरा आयकर भरते हैं और सभी  उचित दस्तावेज भी उपलब्ध करा देंगे। उन्होंने ये भी कहा कि उन्होंने अपने घर पहुंचे अधिकारियों से बात कर उनसे विनती की है कि वह किसी भी ऐसे दस्तावेज या मेल को चेक करने की कोशिश न करें जो पत्रकारिता से जुड़े हों। अगर ऐसा किया गया तो वह इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।

क्या बोले शेखर गुप्ता

Raid on the quint founder Raghav bahl home
ashutosh
वहीं वरिष्ठ पत्रकार शेखर गुप्ता ने भी इस मामले में ट्वीट किया है कि राघव के घर पर आयकर का छापा पड़ा गंभीर मुद्दा है। आयकर भरने वाले हर शख्स को हक है कि वो सरकार से सवाल पूछे लेकिन ये रेड कुछ और ही इंगित कर रहे हैं। अगर इस छापे के लिए कोई स्पष्टीकरण है तो सरकार को तुरंत देना चाहिए। वरना इसे आलोचनात्मक मीडिया के खिलाफ कार्रवाई के तौर पर देखा जाएगा।


इस रेड पर पूर्व पत्रकार और आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे चुके आशुतोष का कहना है कि, राघव एक बहुत ही विश्वसनीय मीडिया शख्सियत हैं। अब वो केंद्र सरकार, मोदी सरकार की आलोचना करने की सजा भुगत रहे हैं।
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