द क्विंट के संस्थापक राघव बहल के घर आयकर विभाग की छापेमारी, हर तरफ से हो रही आलोचना
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आयकर विभाग ने आज कथित कर चोरी से जुड़े एक मामले में मीडिया क्षेत्र के दिग्गज राघव बहल के ठिकानों की तलाशी ली। अधिकारियों ने बताया कि आयकर अधिकारियों की एक टीम ने तड़के नोएडा स्थित बहल के आवास पर छापा मारा और जिस मामले की जांच की जा रही है उससे संबंधित दस्तावेज और अन्य सबूत तलाश रहे हैं।
ऐसा माना जा रहा है कि विभिन्न लोगों द्वारा कर चोरी किए जाने के मामले से जुड़ी जांच के संबंध में कुछ अन्य लोगों के परिसरों की भी तलाशी ली जा रही है। बहल समाचार पोर्टल ‘क्विंट’ और ‘नेटवर्क 18’ समूह के संथापक और जाने-माने मीडिया कारोबारी हैं।
राघव बहल एक भारतीय व्यापारी हैं जो टीवी 18 समेत कई टेलीविजन चैनलों के संस्थापक हैं। राघव ने नेटवर्क 18 से बाहर निकलने के बाद कुइंटीलियन मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की।
क्या बोले राघव
अपने कई ठिकानों पर रेड के बाद राघव बहल ने एडिटर्स गिल्ड को दिए अपने बयान में कहा है कि, 'मेरे लिए ये बहुत चिंता की बात है जो मैं गिल्ड से साझा करना चाहता हूं। जब मैं मुंबई में था तब आज सुबह दर्जनों आयकर अधिकारी मेरे घर और द क्विंट के दफ्तर सर्वे के लिए पहुंचे।'
उन्होंने बताया कि वह दिल्ली लौट रहे हैं और काफी तनाव में हैं। उनका कहना है कि हम अपना पूरा आयकर भरते हैं और सभी उचित दस्तावेज भी उपलब्ध करा देंगे। उन्होंने ये भी कहा कि उन्होंने अपने घर पहुंचे अधिकारियों से बात कर उनसे विनती की है कि वह किसी भी ऐसे दस्तावेज या मेल को चेक करने की कोशिश न करें जो पत्रकारिता से जुड़े हों। अगर ऐसा किया गया तो वह इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे।
क्या बोले शेखर गुप्ता
I.T raids on @TheQuint offices and its founder @Raghav_Bahl home are cause for serious concern. Taxman has the right to ask all questions, but raids look like intimidation. If there is justification, govt must explain quickly. Or it will be seen as targeting critical media.
— Shekhar Gupta (@ShekharGupta) October 11, 2018
इस रेड पर पूर्व पत्रकार और आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दे चुके आशुतोष का कहना है कि, राघव एक बहुत ही विश्वसनीय मीडिया शख्सियत हैं। अब वो केंद्र सरकार, मोदी सरकार की आलोचना करने की सजा भुगत रहे हैं।
After Pranoy Roy, now @Raghav_Bahl is targeted. Raghav is one of the most credible media personalities. Now he is paying the price for being anti-establishment, criticising Modi Govt.
— ashutosh (@ashutosh83B) October 11, 2018