लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR ›   Qutub Minar no Namaz in Campus ASI go strict says namaz was never permitted then how it can be banned

कुतुब मीनार परिसर में नहीं पढ़ी जा सकेगी नमाज: ASI की सख्ती, कहा- कभी अनुमति ही नहीं थी तो प्रतिबंध कैसा

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Tue, 24 May 2022 02:35 PM IST
सार

एएसआई अधिकारियों ने साफ किया है कि एएसआई द्वारा संरक्षित स्मारक स्थल पर कानूनी तौर पर धार्मिक गतिविधि करने की अनुमति नहीं है। इससे पहले एएसआई ने ऐसा करने से मना नहीं किया था लेकिन अब फैसला लिया गया है कि फिलहाल किसी धार्मिक गतिविधि को अनुमति नहीं है।

कुतुब मीनार
कुतुब मीनार - फोटो : Istock
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

दिल्ली स्थित कुतुब मीनार परिसर में अब नमाज नहीं पढ़ी जा सकेगी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने सख्ती दिखाते हुए साफ किया है कि कुतुब मानीर एक नॉन लिविंग मॉन्यूमेंट (निर्जीव स्मारक) है। इसके परिसर में किसी भी धार्मिक गतिविधियों के लिए पहले से ही मनाही है। यह बात आज एएसआई ने साकेत कोर्ट में दाखिल एक हलफनामे में भी कही है।

साकेत में कोर्ट दाखिल किया हलफनामा

साकेत कोर्ट में दाखिल हलफनामे में अदालत ने कहा है कि कुतुब मीनार एक निर्जीव स्मारक है और इस पर किसी भी धर्म पूजा-पाठ के लिए दावा नहीं कर सकता। एएमएएसआर एक्ट 1958 के तहत किसी भी निर्जीव इमारत में पूजा शुरू नहीं की जा सकती। दिल्ली हाईकोर्ट ने भी अपने 27 जनवरी 1999 के आदेश में ये बात कही है।



एएसआई के अधिकारियों के मुताबिक देशभर में ऐसे अनगिनत निर्जीव स्मारक हैं, जहां पर पूजा-पाठ, नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं है। इसके बावजूद कुतुब मीनार परिसर में नमाज पढ़ी जा रही थी। अब यहां नमाज पढ़ने वालों को ऐसा करने से मना किया गया है। पांच दिन से यहां नमाज बंद है।

एएसआई के अधिकारियों के मुताबिक बिना जानकारी के कुछ लोग कुतुब मीनार परिसर में नमाज पढ़ने की जिद कर रहे थे, ऐसे लोगों से अनुमति पत्र या इससे संबंधित दस्तावेज मांगा गया था। वे लोग कोई दस्तावेज नहीं दिखा पाए। उन्हें वापस भेज दिया गया।

अनुमति ही नहीं तो प्रतिबंध कैसा

एएसआई अधिकारियों ने साफ किया है कि एएसआई द्वारा संरक्षित स्मारक स्थल पर कानूनी तौर पर धार्मिक गतिविधि करने की अनुमति नहीं है। जब तक एएसआई ने किसी को ऐसा करने से नहीं मना किया और बात थी, लेकिन जब एएसआई ने फैसला कर लिया है, तो यहां धार्मिक गतिविधि करना गैरकानूनी है। ऐसा करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी। इससे पहले फिरोजशाह कोटला स्मारक स्थल पर भी एएसआई ने नमाज पर रोक लगाई थी।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00