हजार रुपए में कागजात से लाखों वसूलती पुनीता
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पुनीता मात्र एक हजार रुपये में छात्रों का गरीबी का आय प्रमाण पत्र बनवाती थी। इन आय प्रमाणपत्र से वह स्कूलों में ईडब्ल्यूएस कोटे में दाखिला करवाती थी और छात्रों के अभिभावकों से दो से आठ लाख रुपये वसूलती थी।
पुनीता ने पूछताछ में बताया है कि वह फर्जी कागजात धर्म सिंह से भी बनवाती थी। दिल्ली पुलिस धर्मवीर को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
अपराध शाखा के एसीपी केपीएस मल्होत्रा की देखरेख में एसआई रितेश की टीम ने शनिवार को पुनीता को लेकर दिल्ली के सात स्कूलों में छापेमारी की।
ये स्कूल है डीपीएस रोहिणी, रोहिणी स्थित बाल भारती, जीडी गोयनका, वेंकटेश्वरा स्कूल, विकास भारती और मॉडल टॉउन स्थित जीडी गोयनका है।
जेल में है पुनीता की बेटी
पुलिस को पुनीता के जरिए स्कूलों में पढ़ाने वाली उन शिक्षिका व शिक्षकों की पहचान करानी थी जो उसे जानती थी। पुनीता का दावा है कि वह इन स्कूलों में कई टीचरों को जानती है।
इन टीचरों के जरिए वह दाखिला करवाती थी। अभी आठ से दस स्कूल ऐसे हैं जहां पुलिस को पुनीता को लेकर छापेमारी करनी है।
पुलिस अधिकारियों के शनिवार को महीने का दूसरा शनिवार था।
इस कारण ज्यादातर स्कूल बंद थे। स्कूल प्रशासन के लोगों को बुलाया गया तो वह टाइम से स्कूल नहीं पहुंचे। दूसरा शनिवार होने के कारण पुलिस को कुछ ज्यादा कामयाबी नहीं मिली।
गौरतलब है कि अपराध शाखा ने पुनीता को दो दिन के पुलिस रिमांड पर ले रखा है। पुनीता को फर्जी कागजों से प्राइवेट स्कूलों में ईडब्ल्यूएस कोटे में दाखिला रैकेट चलाने के मामले में पकड़ा गया है। पुनीता की बेटी जेल में है और उसका पति प्रिंस पुलिस गिरफ्त से बाहर है।