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Delhi NCR News: डीयू में एक महीने तक लगी रोक के खिलाफ आर्ट फैकेल्टी के गेट पर प्रदर्शन
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) परिसर में सार्वजनिक सभाओं, बैठकों और विरोध प्रदर्शनों पर एक महीने के लिए लगाए गए तानाशाहीपूर्ण प्रतिबंध के खिलाफ वामपंथी छात्र संगठनों ने बुधवार को जोरदार विरोध जताया। एआईडीएसओ की डीयू यूनिट, साथ ही दो अन्य वामपंथी संगठनों ने आर्ट्स फैकल्टी गेट पर संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। यह विरोध 17 फरवरी को डीयू प्रशासन द्वारा जारी आदेश के खिलाफ था, जिसमें पूरे परिसर में एक महीने तक सभी प्रकार की सार्वजनिक सभाओं, रैलियों और प्रदर्शनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान छात्रों ने प्रशासन से आदेश वापस लेने की मांग की, छात्रों ने आरोप लगाया कि सुरक्षा गार्डों ने उन्हें घेर लिया, उनके पोस्टर फाड़े, धक्का-मुक्की हुई। सामान्य छात्रों को भी धमकाया गया। स्थिति बिगड़ने पर प्रेस कॉन्फ्रेंस विरोध प्रदर्शन में बदल गई। एआईडीएसओ की डीयू प्रभारी अद्रिका ने कहा, यह आदेश अलोकतांत्रिक है और शिक्षा के मूल स्वरूप पर हमला है। इसका मकसद परिसर में बहस और संवाद को कुचलना है। उनकी मांग है कि इसे तुरंत हटाया जाए, वरना छात्र आंदोलन और तेज करेंगे।
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नई दिल्ली।
दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) परिसर में सार्वजनिक सभाओं, बैठकों और विरोध प्रदर्शनों पर एक महीने के लिए लगाए गए तानाशाहीपूर्ण प्रतिबंध के खिलाफ वामपंथी छात्र संगठनों ने बुधवार को जोरदार विरोध जताया। एआईडीएसओ की डीयू यूनिट, साथ ही दो अन्य वामपंथी संगठनों ने आर्ट्स फैकल्टी गेट पर संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। यह विरोध 17 फरवरी को डीयू प्रशासन द्वारा जारी आदेश के खिलाफ था, जिसमें पूरे परिसर में एक महीने तक सभी प्रकार की सार्वजनिक सभाओं, रैलियों और प्रदर्शनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान छात्रों ने प्रशासन से आदेश वापस लेने की मांग की, छात्रों ने आरोप लगाया कि सुरक्षा गार्डों ने उन्हें घेर लिया, उनके पोस्टर फाड़े, धक्का-मुक्की हुई। सामान्य छात्रों को भी धमकाया गया। स्थिति बिगड़ने पर प्रेस कॉन्फ्रेंस विरोध प्रदर्शन में बदल गई। एआईडीएसओ की डीयू प्रभारी अद्रिका ने कहा, यह आदेश अलोकतांत्रिक है और शिक्षा के मूल स्वरूप पर हमला है। इसका मकसद परिसर में बहस और संवाद को कुचलना है। उनकी मांग है कि इसे तुरंत हटाया जाए, वरना छात्र आंदोलन और तेज करेंगे।
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