लड़कियों को बचाने के लिए वैध की जाए वेश्यावृत्ति
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुमन दहिया ने कहा कि कुछ लोग एनसीआर क्षेत्र में जिस्मफरोशी का धंधा चला रहे हैं। इनमें विभिन्न प्रांतों से पिछड़े इलाकों से आने वाली लड़कियां शिकार हो रही हैं।
सरकार को चाहिए कि या तो इसे लीगलाइज करे या फिर वेश्यावृत्ति पर पूर्ण प्रतिबंध लगे। वह बृहस्पतिवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय में पत्रकारों से वार्ता कर रही थीं। प्रेसवार्ता में डीसीपी पूर्णचंद पवार भी मौजूद रहे।
उन्होंने कहा कि राज्य महिला आयोग महिला उत्पीड़न की घटनाओं को लेकर गंभीर है। आयोग के सामने जो भी मामले आते हैं, उस पर तत्काल संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाती है।
उन्होंने यह भी कहा कि नाबालिग और छोटी बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपियों को अपील का भी प्रावधान नहीं होना चाहिए। ऐसे दरिंदों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।
पिछड़े इलाकों से लाई जाती है लड़कियां
उन्होंने यह भी कहा कि नाबालिग और छोटी बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपियों को अपील का भी प्रावधान नहीं होना चाहिए। ऐसे दरिंदों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए।
एक प्रश्न के जवाब में दहिया ने कहा कि गुड़गांव, फरीदाबाद समेत अन्य एनसीआर के जिलों में वेश्यावृत्ति एक प्रकार से व्यापार बन गया है। पिछड़े इलाकों से 25-50 हजार में लड़कियों को लिफ्ट करके लाया जाता है और उन्हें इस पेशे में ढकेल दिया जाता है।
ऐसे में सरकार को इसे लीगलाइज कर देना चाहिए। ताकि जो लड़कियां या महिलाएं इस धंधे में अपनी मर्जी से शामिल हैं, उन्हें भी परेशानी न हो। इसके साथ ऐसी महिलाओं का डाटाबेस तैयार किया जाएगा और उनके स्वास्थ्य की नियमित जांच की व्यवस्था हो।
वैसे तो आयोग वेश्यावृत्ति को खत्म करने का पक्षधर है। एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के संरक्षण के लिए बनाए गए कानून का दुरुपयोग करने वाली महिलाओं के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।