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गड्ढे में गिरा स्कूटर, प्रोफेसर की जान गई
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Thu, 27 Feb 2014 11:01 PM IST
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गोविंदपुरम स्थित आइडियल ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन में आर्किटेक्चर के प्रोफेसर राजीव पराशर (39) की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। बुधवार देर रात 11 बजे वे स्कूटर पर खाना खाने जा रहे थे।
गोविंदपुरम पुलिस चौकी के नजदीक सड़क पर बने गड्ढे में स्कूटर गिर गया। प्रोफेसर कासिर सड़क से टकराया और वे लहूलुहान हो गए।
उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल और बाद में संयुक्त जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस का मानना है कि हेलमेट लगाए होते तो उनकी जान बच सकती थी।
जांच अधिकारी गोपीचंद ने बताया कि राजीव हरियाणा के भिवानी के रहने वाले थे। गोविंदपुरम गौर होम्स में रह रहे थे। उनकी पत्नी रुड़की से पीएचडी कर रही हैं। उनके दो बच्चे हैं।
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बकौल आईओ, हादसे के वक्त वह ड्रिंक भी किए हुए थे। बुधवार रात पहचान न हो पाने पर अज्ञात में उनका शव मोर्चरी भिजवाया गया था।
बृहस्पतिवार सुबह स्कूटर पर लगी गौर होम्स पार्किंग की चिट से पुलिस गौर होम्स पहुंची। प्रोफेसर के बारे जानकारी होने पर उनके फ्लैट को खंगाला तो उसमें उनका मोबाइल मिला, जिससे उनके परिजनों से संपर्क किया गया। बाद में आइडियल के उनके साथी शिक्षक भी आ गए।
शहर में हैं मौत के गड्ढे
स्थानीय लोगों ने बताया कि गड्ढे की बाबत कई नगर निगम से शिकायत की गई, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। बता दें कि गोविंदपुरम का यह जानलेवा अकेला गड्ढा नहीं है।
शहर में सड़कों पर इस तरह की कई गड्ढे बनने हुए हैं। कई बार रफ्तार तेज होने पर गड्ढे वाहन चालक को नजर नहीं आते और हादसा हो जाता है।
बिना हेलमेट पहले भी गई जान
- मेरठ रोड पर सड़क दुर्घटना में युवक की मौत
- विजयनगर में स्कूटी से गिरकर युवती की मौत
- जीटी रोड पर बाइक टकराने पर युवक की मृत्यु
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गोविंदपुरम पुलिस चौकी के नजदीक सड़क पर बने गड्ढे में स्कूटर गिर गया। प्रोफेसर कासिर सड़क से टकराया और वे लहूलुहान हो गए।
उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल और बाद में संयुक्त जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। पुलिस का मानना है कि हेलमेट लगाए होते तो उनकी जान बच सकती थी।
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जांच अधिकारी गोपीचंद ने बताया कि राजीव हरियाणा के भिवानी के रहने वाले थे। गोविंदपुरम गौर होम्स में रह रहे थे। उनकी पत्नी रुड़की से पीएचडी कर रही हैं। उनके दो बच्चे हैं।
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बकौल आईओ, हादसे के वक्त वह ड्रिंक भी किए हुए थे। बुधवार रात पहचान न हो पाने पर अज्ञात में उनका शव मोर्चरी भिजवाया गया था।
बृहस्पतिवार सुबह स्कूटर पर लगी गौर होम्स पार्किंग की चिट से पुलिस गौर होम्स पहुंची। प्रोफेसर के बारे जानकारी होने पर उनके फ्लैट को खंगाला तो उसमें उनका मोबाइल मिला, जिससे उनके परिजनों से संपर्क किया गया। बाद में आइडियल के उनके साथी शिक्षक भी आ गए।
शहर में हैं मौत के गड्ढे
स्थानीय लोगों ने बताया कि गड्ढे की बाबत कई नगर निगम से शिकायत की गई, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। बता दें कि गोविंदपुरम का यह जानलेवा अकेला गड्ढा नहीं है।
शहर में सड़कों पर इस तरह की कई गड्ढे बनने हुए हैं। कई बार रफ्तार तेज होने पर गड्ढे वाहन चालक को नजर नहीं आते और हादसा हो जाता है।
बिना हेलमेट पहले भी गई जान
- मेरठ रोड पर सड़क दुर्घटना में युवक की मौत
- विजयनगर में स्कूटी से गिरकर युवती की मौत
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