CBSE 12th Compartment Exam: 12वीं कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए एलओसी जमा करने की प्रक्रिया शुरू, 28 को परीक्षा
सीबीएसई ने बारहवीं पूरक परीक्षा 2026 के लिए एलओसी जमा करना 30 जून से 8 जुलाई तक शुरू किया। परीक्षा 28 जुलाई को है। कंपार्टमेंट/प्रदर्शन सुधार विद्यार्थी 320 रुपये शुल्क पर आवेदन करें।
विस्तार
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बारहवीं कक्षा की सप्लीमेंट्री परीक्षा 2026 के लिए नियमित विद्यार्थियों की लिस्ट ऑफ कैंडिडेट्स (एलओसी) ऑनलाइन जमा करने की प्रक्रिया 30 जून से शुरू कर दी है। 12वीं के पुनर्मूल्यांकन रिजल्ट जारी होने के बाद इसे शुरू किया गया है। यह परीक्षा 28 जुलाई को होगी, पहले यह 15 जुलाई को निर्धारित की गई थी। बोर्ड ने सभी संबद्ध स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे परीक्षा संगम पोर्टल के माध्यम से निर्धारित समय के भीतर पात्र विद्यार्थियों का विवरण ऑनलाइन भेजें। इसके लिए समय सीमा 30 जून से 8 जुलाई तक तय की गई है। प्रति विषय 320 रुपये का भुगतान करना होगा।
सीबीएसई के अनुसार, सप्लीमेंट्री परीक्षा में वे विद्यार्थी शामिल हो सकेंगे जिन्हें मुख्य परीक्षा 2026 में कंपार्टमेंट (पहला अवसर) मिला है और मुख्य परीक्षा 2026 में उत्तीर्ण होकर एक विषय में प्रदर्शन सुधार (इम्प्रूवमेंट) करना चाहते हैं। वहीं, वर्ष 2025 में पहली बार कक्षा 12 की परीक्षा देकर अब कंपार्टमेंट के तीसरे अवसर वाले विद्यार्थी केवल निजी (प्राइवेट) अभ्यर्थी के रूप में आवेदन कर सकेंगे।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं विद्यार्थियों को सप्लीमेंट्री परीक्षा में बैठने की अनुमति मिलेगी, जिनके नाम स्कूलों द्वारा ऑनलाइन एलओसी के माध्यम से भेजे जाएंगे। स्कूलों को अपने संबद्धता (अफिलिएशन) नंबर और उपलब्ध पासवर्ड के जरिए पोर्टल पर लॉगिन कर प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सीबीएसई ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वे मुख्य परीक्षा में कंपार्टमेंट घोषित विद्यार्थियों से संपर्क कर उन्हें सप्लीमेंट्री परीक्षा की जानकारी दें। साथ ही, एक विषय में प्रदर्शन सुधार की इच्छा रखने वाले उत्तीर्ण विद्यार्थियों के नाम भी एलओसी में शामिल किए जाएं।
बोर्ड ने कहा कि यदि किसी कारणवश स्कूल किसी कंपार्टमेंट विद्यार्थी से संपर्क नहीं कर पाते हैं, तब भी उसका नाम एलओसी में अनिवार्य रूप से भेजा जाए। किसी पात्र विद्यार्थी का नाम समय पर जमा नहीं होने पर वह सप्लीमेंट्री परीक्षा में शामिल होने के अवसर से वंचित हो सकता है। ऐसे में निर्धारित समय सीमा के भीतर एलओसी जमा करने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित स्कूल की होगी।