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युवाओं को जॉब देने के सरकारी दबाव से कंपनियों में बैचैनी

Fri, 10 Jul 2015 06:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव Updated Fri, 10 Jul 2015 06:01 PM IST
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private companies under pressure of government to give jobs to youth

साइबर सिटी की आईटी कंपनियां प्रदेश सरकार के दबाव से बेचैनी महसूस कर रही हैं। सरकार ने आईटी सेक्टर में हरियाणा के युवाओं की नौकरी में भागीदारी बढ़ाने को कवायद शुरू कर दी है। अभी आईटी कंपनियों के रोजगार में स्थानीय हिस्सेदारी महज 30 प्रतिशत है। इससे मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर खुश नहीं हैं।

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गुड़गांव की आईटी कंपनियों का कहना है कि हरियाणा में दक्ष कर्मियों की भारी कमी है। इस कारण उन्हें दूसरे प्रदेशों की प्रतिभाओं को आमंत्रित करना पड़ता है।
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आईटी विशेषज्ञों का मत है कि सरकार वाकई स्थानीय युवाओं के लिए चिंतित है तो उसे इसके लिए ठोस इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने चाहिए। ताकि इसकी मदद से इंजीनियरिंग कॉलेजों, पॉलिटेक्निक और आईटीआई में आईटी सेक्टर के लिए दक्ष वर्कफोर्स तैयार किए जा सकें।
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प्राइम कॉल इंटरनेशनल की एचआर डायेक्टर विनीता यादव ने बताया कि टैलेंट के साथ कोई समझौता नहीं होता। बिना योग्यता के आईटी-आईटीईएस सेक्टर में जॉब नहीं है। सिर्फ दबाव बनाना काफी नहीं। इसके लिए उपयुक्त को माहौल तैयार करना चाहिए।

गुड़गांव में तकरीबन 500 आईटी-आईटीईएस (इंफार्मेशन टेक्नॉलजी-आईटी इनेबल्ड्स) कंपनियां हैं। इनमें तकरीबन तीन लाख लोग कार्यरत हैं। आईटी कंपनियों के सबसे बड़े संघ नेशनल एसोसिएशन ऑफ सॉफ्टवेयर एंड सर्विसेज कंपनीज (नैस्कॉम) पिछले तीन वर्षों से शिक्षा व्यवस्था को औद्योगिक मांग के अनुसार (इंडस्ट्री ऑरियंटेड) ढालने की सलाह सरकार को दे रही है। मगर इस पर आज तक कोई अमल नहीं हुआ है।

टैलेंट की कमी से कंपनियों को घाटा...
को-चेयरमैन नैस्कॉम हरियाणा व प्रोसेस नाइन टेक्नॉलजीज प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ राकेश कपूर ने कहा कि टैलेंट की कमी से आईटी कंपनियों को काफी नुकसान हो रहा है। इस कारण कंपनियों को दूसरे प्रदेशों से हायर करनी पड़ती है। इसमें उनका खर्चा 20 प्रतिशत और बढ़ जाता है। प्रदेश से उनके टैलेंट की जरूरत पूरी होती तो उन्हें बाहर नहीं झांकना पड़ता।  


आईटी कंपनियों के सर्वोत्तम इंजीनियरों में से काफी हरियाणा के हैं। मगर यहां के तकनीकी संस्थानों से पढ़कर निकलने वाले इंजीनियर काफी वीक हैं। जो आईटी कंपनियों के काम लायक नहीं होते। हरियाणा के कॉलेजों का स्तर ऐसा बने कि आईटी कंपनियां अपने सारे इंजीनियर यहीं भर्ती करें। इससे स्थानीय लोग भी खुश होंगे और आईटी कंपनियां भी । मगर इसके लिए सरकार को कुछ ठोस करना होगा।-डॉ. मानस फुलेरिया (को-फाउंडर एंड सीईओ नगारो सॉफ्टवेयर)

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