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रेड-येलो लाइन पर निजी कंपनियां चलाएंगी मेट्रो, डीएमआरसी की योजना, जल्द मांगे जा सकते हैं टेंडर
Sun, 13 Jan 2019 06:19 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Sun, 13 Jan 2019 06:19 AM IST
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मेट्रो
- फोटो : फाइल फोटो
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दिल्ली मेट्रो की रेड और येलो लाइन पर जल्द ही प्राइवेट कंपनियां ट्रेनों का संचालन शुरू कर सकती हैं। डीएमआरसी ने बढ़ते मेट्रो नेटवर्क के मद्देनजर अपनी इन दो पुरानी लाइनों को निजी हाथों में सौंपने का फैसला लिया है। इस प्रक्रिया को जल्द ही आगे बढ़ाने के लिए कंपनियों से टेंडर भी मांगे जा सकते हैं।
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डीएमआरसी सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली मेट्रो रेल नेटवर्क के बढ़ने और यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस योजना पर विचार किया गया है। योजना के तहत रेड लाइन (रिठाला-न्यू बस अड्डा गाजियाबाद) और येलो लाइन (समयपुर बादली-हुडा सिटी सेंटर) पर निजी कंपनियों द्वारा मेट्रो ट्रेनों का संचालन और रखरखाव किया जाएगा। हालांकि इन दोनों कॉरिडोर पर तैनात दिल्ली मेट्रो का मौजूदा स्टाफ आपातकाल, तकनीकी कमी और निजी कंपनियों के स्टाफ को प्रशिक्षित करने का काम करेगा। इन दोनों कॉरिडोर पर निजी कंपनियों के काम पर डीएमआरसी पूरी नजर रखेगी। बताया गया है कि इन दोनों लाइनों को निजी कंपनियों को सौंपने के लिए जल्द ही टेंडर मांगे जा सकते हैं।
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इन मुद्दों के कारण लिया जा रहा फैसला
सूत्रों के मुताबिक, वर्तमान समय में दिल्ली मेट्रो में ट्रेन ऑपरेटर का वेतन ग्रेड 20,600 रुपये है और वेतन बढ़ोतरी को लेकर ट्रेन ऑपरेटर लंबे समय से मांग कर रहे हैं। इसी के चलते मेट्रो कर्मचारी कई बार हड़ताल भी कर चुके हैं। ऐसे में यात्रियों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए दोनों कॉरिडोर का जिम्मा निजी हाथों में देने का फैसला लिया जा रहा है। बताया गया है निजी कंपनियां घंटों के हिसाब से मेट्रो कर्मचारियों का भुगतान करेगी, जिससे डीएमआरसी को आर्थिक तौर पर भी लाभ पहुंचेगा। इस प्रक्रिया के तहत डीएमआरसी निजी कंपनियों के स्टाफ को दो महीने की ट्रेनिंग भी देगी। हालांकि इस बारे में अंतिम फैसला लिया जाना बाकी है।
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