फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Prisoners freed to decongest Tihar back to the crime

कोरोना संक्रमण के डर से दी गई राहत बनी आफत, तिहाड़ से रिहा कई कैदी फिर अपराध के रास्ते पर

Thu, 11 Jun 2020 06:56 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 11 Jun 2020 06:56 AM IST
सार

  • दो महीने पहले दिल्ली सरकार ने करीब 2800 कैदियों को तिहाड़ से रिहा किया था
  • इनमें से कुछ कैदियों को जमानत दी गई और कुछ को पैरोल पर छोड़ा गया
  • पिछले एक महीने में संक्रमण के प्रसार के डर से छोड़े गए कई कैदी दोबारा अपराध में लिप्त हो गए

विज्ञापन
Prisoners freed to decongest Tihar back to the crime
तिहाड़ जेल - फोटो : PTI

विस्तार

कोरोना संक्रमण न फैले इस गरज से तिहाड़ जेल से रिहा किए गए कई कैदी एक बार फिर अपराध के रास्ते पर चल पड़े हैं। दिल्ली पुलिस के आंकड़े इस बात की गवाही देते हैं। 

विज्ञापन


आंकड़े बताते हैं कि बीते एक महीने के दौरान जितने कैदी कोरोना संक्रमण के प्रसार को थामने के इरादे से छोड़े गए थे उनमें से कइयों ने चोरी-डकैती और छीनाझपटी जैसे अपराधों की राह पकड़ ली। 
विज्ञापन


 30 अप्रैल को बलबीर शर्मा नाम के एक अपराधी को तिहाड़ से रिहा किया गया था। उस पर चोरी-डकैती और छीटाझपटी के 36 मामले थे। पांच दिन के बाद बलबीर को मोबाइल और स्कूटर लूटने के आरोप में फिर से गिरफ्तार किया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


बलबीर की रिहाई से एक ही दिन पहले मोनू शर्मा को भी तिहाड़ से रिहा किया गया था। इस पर आठ आपराधिक मामले थे। महीने भर बाद ही मोनू को पूर्वी दिल्ली के गीता कॉलोनी इलाके से इलैक्ट्रिक आटोरिक्शा चुराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। 

दो महीने पहले दिल्ली सरकार ने करीब 2800 कैदियों को तिहाड़ से इसीलिए छोड़ा था ताकि जेल परिसर में कोरोना के प्रसार पर अंकुश लगाया जा सके। इनमें से कुछ कैदियों को जमानत दे दी गई और कुछ को पैरोल पर रिहा कर दिया गया। 

पुलिस के आंकड़े बताते हैं कि पिछले एक महीने में संक्रमण के प्रसार के डर से छोड़े गए कई कैदी दोबारा अपराध में लिप्त हो गए। आंकड़ों के अनुसार 129 कैदी ऐसे हैं जो फि्र से चोरी-डकैती और लूटपाट की घटनाओं को शहर के अलग-अलग हिस्सों में अंजाम दे रहे थे।  


दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी का कहना है लॉकडाउन में राहत के बाद इस तरह के कई मामले सामने आए हैं। अपराधियों के छोड़ने से पहले प्रशासन को उनके रिकॉर्ड की भी जांच कर लेनी चाहिए। आदतन अपराध करने वालों के इस तरह छोड़ने से मुसीबत ही पैदा होगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed