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Delhi NCR News: प्रधानाचार्यों की उप शिक्षा निदेशक के पदों पर होगी पदोन्नति
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उपराज्यपाल ने एक जुलाई को आयोजित विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक में की गई सिफारिश के तहत दी मंजूरी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। शिक्षा उपनिदेशक (एक्स-कैडर) के पद पर कई प्रधानाचार्यों को लंबे समय के इंतजार के बाद तत्काल प्रभाव से पदोन्नत करने की मंजूरी मिली है। उपराज्यपाल ने एक जुलाई को आयोजित विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक में की गई सिफारिश के तहत इसकी मंजूरी दी है। यह पदोन्नति यूपीएससी के आधार पर की गई है और यह सातवें वेतन आयोग एवं केंद्रीय सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियम, 2017 के तहत वेतन मैट्रिक्स के स्तर 12 के अनुसार होगी, जिसमें समय-समय पर स्वीकार्य सामान्य भत्ते शामिल हैं।
शिक्षा निदेशालय के अनुसार, यह पदोन्नति इस शर्त पर दी गई है कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कोई सतर्कता मामला लंबित नहीं होना चाहिए। पदोन्नत अधिकारियों को वेतन निर्धारण के लिए केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार, एक माह के भीतर एफआर-22 के तहत विकल्प चुनने का अधिकार होगा।
आर्थिक लाभ पदोन्नति के बाद उप शिक्षा निदेशक (एक्स-कैडर) के पद पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से लागू होगा। यह आदेश स्पष्ट करता है कि पदोन्नति का प्रभाव केवल भविष्य में लागू होगा, भले ही रिक्तियां पूर्व वर्षों से संबंधित हों। यदि कोई अधिकारी इस पदोन्नति को स्वीकार नहीं करता है, तो उसे एक वर्ष की अवधि तक या अगली रिक्ति होने तक, जो भी बाद में हो, नया पदोन्नति प्रस्ताव नहीं दिया जाएगा। यदि अधिकारी द्वारा दिए गए इन्कार के कारण नियुक्ति प्राधिकारी को स्वीकार्य नहीं हैं, तो उन्हें अनिवार्य रूप से पदभार ग्रहण करना होगा, अन्यथा उनके खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। शिक्षा उपनिदेशक (एक्स-कैडर) के पद पर कई प्रधानाचार्यों को लंबे समय के इंतजार के बाद तत्काल प्रभाव से पदोन्नत करने की मंजूरी मिली है। उपराज्यपाल ने एक जुलाई को आयोजित विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक में की गई सिफारिश के तहत इसकी मंजूरी दी है। यह पदोन्नति यूपीएससी के आधार पर की गई है और यह सातवें वेतन आयोग एवं केंद्रीय सिविल सेवा (संशोधित वेतन) नियम, 2017 के तहत वेतन मैट्रिक्स के स्तर 12 के अनुसार होगी, जिसमें समय-समय पर स्वीकार्य सामान्य भत्ते शामिल हैं।
शिक्षा निदेशालय के अनुसार, यह पदोन्नति इस शर्त पर दी गई है कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कोई सतर्कता मामला लंबित नहीं होना चाहिए। पदोन्नत अधिकारियों को वेतन निर्धारण के लिए केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार, एक माह के भीतर एफआर-22 के तहत विकल्प चुनने का अधिकार होगा।
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आर्थिक लाभ पदोन्नति के बाद उप शिक्षा निदेशक (एक्स-कैडर) के पद पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से लागू होगा। यह आदेश स्पष्ट करता है कि पदोन्नति का प्रभाव केवल भविष्य में लागू होगा, भले ही रिक्तियां पूर्व वर्षों से संबंधित हों। यदि कोई अधिकारी इस पदोन्नति को स्वीकार नहीं करता है, तो उसे एक वर्ष की अवधि तक या अगली रिक्ति होने तक, जो भी बाद में हो, नया पदोन्नति प्रस्ताव नहीं दिया जाएगा। यदि अधिकारी द्वारा दिए गए इन्कार के कारण नियुक्ति प्राधिकारी को स्वीकार्य नहीं हैं, तो उन्हें अनिवार्य रूप से पदभार ग्रहण करना होगा, अन्यथा उनके खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जा सकती है।
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