प्रधान वित्त सचिव सहाय को केन्द्र ने किया रिलीव, कुर्सी पर फिर हो सकता है विवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली में वित्त सचिव की कुर्सी केन्द्र और दिल्ली सरकार के बीच लड़ाई का फिर कारण बन सकता है। केन्द्र सरकार ने प्रधान वित्त सचिव और प्रधान गृह सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे एसएन सहाय को तत्काल प्रभाव से दिल्ली से मुक्त कर दिया है।
सहाय का मार्च के पहले सप्ताह में गोवा के लिए ट्रांसफर हुआ था। सूत्रों के अनुसार मार्च में दिल्ली से एक साथ ट्रांसफर किए जाने वाली सूची में शामिल एसएन सहाय को गृह मंत्रालय ने तत्काल प्रभाव से दिल्ली के कार्यभार से मुक्त करके मुख्य सचिव को सूचना भेज दी है।
सहाय का ट्रांसफर गोवा के लिए किया गया था लेकिन आम आदमी पार्टी सरकार ने बजट की तैयारी की वजह से रिलीव नहीं किया था। ऐसा माना जा रहा था कि 1986 बैच के अनुभवी सहाय को दिल्ली सरकार रोकेगी।
कार्यभार कम किये जाने पर हुआ था टकराव
हालांकि इससे पहले गृह विभाग के दो अतिरिक्त सचिवों को निलंबित किए जाने और प्रधान सचिव के तौर पर कार्यभार कम किए जाने को लेकर आप सरकार के साथ सहाय का खिंचाव भी हुआ था।
उल्लेखनीय है कि गोवा के मुख्य सचिव आरके श्रीवास्तव 30 जून को रिटायर हो गए हैं। वहां मुख्य सचिव की सीट खाली है। ऐसे में एसएन सहाय को केन्द्र सरकार की तरफ से तत्काल प्रभाव से दिल्ली से मुक्त किए जाने को बतौर मुख्य सचिव उनकी नियुक्ति से जोड़कर देखा जा रहा है।
वहीं दिल्ली में प्रधान वित्त सचिव के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों में सबसे ऊपर नाम 1987 बैच के धर्मेन्द्र शर्मा का आता है जो अभी दिल्ली में ही बिना किसी जिम्मेदारी के बैठे हैं।