PM मोदी ने तोड़ा दिल्लीवालों का सपना!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्वतंत्रता दिवस पर दिल्लीवासियों की एक बड़ी उम्मीद को बड़ा झटका लगा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानीवासियो के उस सपने के पूरा होने का इंतजार और बढ़ा दिया है।
माना जा रहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले की प्रचार से अपने पहले भाषण को ऐतिहासिक बना सकते हैं और इसमें दिल्ली को पूर्ण का दर्जा देने के फैसले का ऐलान किया जा सकता है लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में सफाई और विकास जैसे मुद्दों की चर्चा तो की लेकिन भ्रष्टाचार और महंगाई के मुद्दों की तरह दिल्ली को पूर्ण राज्य बनाने की बात भी दबी रह गई। दिल्लीवासी मिनट दर मिनट इंतजार करते रहे कि शायद अब प्रधानमंत्री इस बात का ऐलान करें लेकिन ऐसा हो नहीं सका।
केंद्र और दिल्ली के बीच होगा टकराव!
दिल्ली में राजनीतिक संकट और विधानसभा चुनाव कराए जाने की संभावनाओं के बीच यह कहा जा रहा था कि अब भाजपा अपने चुनावी वादे को पूरा करेगी और दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिल सकता है।
भाजपा ने अपने चुनावी एजेंडे में इस बात को जोर शोर से उठाया था कि अगर केंद्र में उनकी सरकार बनी तो दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाया जाएगा। भाजपा के लिए यह मुद्दा इसलिए भी आसान है क्योंकि उसकी विरोधी पार्टियां- कांग्रेस और आप भी ये मांग उठाती रही हैं।
हालांकि अभी इस रास्ते में बहुत ही कठिनाइयां भी हैं। दिल्ली के पूर्ण राज्य बनने के बाद केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच कुछ टकराव भी हो सकते हैं।
कब-कब गरमाया दिल्ली को पूर्ण बनाने का मुद्दा
- 29 अक्तूबर, 1953 विधानसभा में
- 12 मई, 1954 विधानसभा में
- 11 नवंबर, 1983 में मेट्रोपोलिटन काउंसिल
- 3 जून, 1988 में मेट्रोपोलिटन काउंसिल
- 26 अगस्त, 1994 विधानसभा में
- 11 सितंबर, 2002 विधानसभा में