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पीएम मोदी बोले- 20 साल में हुई बर्बादी, अब दिल्ली में भाजपा का आना बहुत जरूरी है

Mon, 03 Feb 2020 06:54 PM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क/डिजिटल ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क/डिजिटल ब्यूरो Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 03 Feb 2020 06:54 PM IST
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Delhi Elections 2020: Prime Minister Narendra Modi's first election meeting today
दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 - फोटो : Social Media

दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवारों के लिए आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी प्रचार के मैदान में उतर गए। उनकी पहली रैली कड़कड़डूमा के सीबीडी ग्राउंड पर हुई। इस दौरान पीएम मोदी ने शाहीन बाग से लेकर शनिवार को पेश किए गए बजट का जिक्र किया। उन्होंने कई मुद्दों पर केजरीवाल सरकार को भी सीधे निशाने पर लिया।

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क्या क्या कहा पीएम मोदी ने पढ़ें-

  • बीते कई दिनों से भाजपा और सहयोगी दलों के कई वरिष्ठ नेता, तमाम उम्मीदवार, कार्यकर्ता और यहां के जागरूक नागरिक, आपके बीच आ रहे हैं, अपनी बात रख रहे हैं। दिल्ली के लोगों के मन में क्या है, ये बताने की जरूरत नहीं, ये आज साफ-साफ दिख रहा है।
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  • दिल्ली ने भाजपा को मजबूती दी है, भाजपा जो कहती है करती है। भाजपा के लिए देशहित सबसे ऊपर।
  • संकल्पों को पूरा करने के लिए हम दिन-रात एक कर रहे हैं।
  • दिल्ली में अवैध कॉलोनी की समस्या सबसे बड़ी है, हमने इस समस्या को सुलझाया। लोगों को बुलडोजरों की चिंता से मुक्ति दिलाई है।
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  • जिन लोगों ने सोचा नहीं था कि वो अपने जीवन में कभी अपने घर की रजिस्ट्री करा सकेंगे, अब वो अपने घर का सपना सच होते हुए देख रहे हैं।
  • दिल्ली सिर्फ एक शहर नहीं हैं, बल्कि ये हमारे हिंदुस्तान की धरोहर है। ये भारत के भिन्न भिन्न रंगो को एक जगह समेटे हुए एक जीवित परंपरा है। ये दिल्ली सबका स्वागत करती है, सत्कार करती है।
  • 8 फरवरी को पड़ने वाला आपका हर वोट सिर्फ सरकार बनाने के लिए नहीं बल्कि इस दशक में दिल्ली के विकास को नई ऊंचाई पर पहुंचाने के लिए होगा।
  • 20 साल बहुत कुछ आपने देख लिया है, बहुत बर्बादी आप देख चुके हैं, अब एक ही रास्ता बचा है। अब दिल्ली में भाजपा का आना बहुत जरूरी है। जब दिल्ली में भाजपा की सरकार बनेगी, तो देशभर में हम जो काम कर रहे हैं, वो काम हम दिल्ली में भी आसानी से कर पाएंगे।
  • जब तक ये लोग बैठे रहेंगे, तब तक ये दिल्ली के लोगों की भलाई के कामों में रोड़े अटकाते ही रहेंगे, रुकावट डालते रहेंगे। क्योंकि वो सिवाय राजनीति के कुछ जानते ही नहीं हैं।
  • 5 साल में केंद्र सरकार ने गरीबों के लिए देशभर में 2 करोड़ घर बनाए। इसमें से एक भी घर दिल्ली सरकार की वजह से यहां नहीं बन पाया।
  • पिछले 5 साल में इतना सारा काम देश में हुआ, गरीबों को रहने के लिए घर मिले, लेकिन दिल्ली की सरकार यहां के गरीबों को रहने के लिए घर नहीं देना चाहती। पीएम आवास योजना यहां की सरकार की वजह से लागू नहीं हो पाई है।
  • सीएए के खिलाफ प्रदर्शन संयोग नहीं, प्रयोग है। यह देश को तोड़ने की सोच है। आम आदमी पार्टी और कांग्रेस राजनीति का खेल-खेल रहे हैं, ये लोग संविधान और तिरंगे के पीछे छिपकर असली साजिश से ध्यान हटा रहे हैं। केजरीवाल पर तंज कसते हुए मोदी ने कहा कि अच्छी राजनीति के सपने का नकाब उतर गया है, इन लोगों का असली चेहरा सामने आ चुका है। इन्हीं लोगों ने सर्जिकल स्ट्राइक के समय सेना पर सवाल खड़े किए थे।
    आज देश के इतिहास में पहली बार हुआ है कि जब विपक्ष को किसी सरकार से शिकायत है। ये कहते हैं कि मोदी जी इतनी जल्दी क्या है? जरा धीरे-धीरे काम करो, इतनी तेजी से एक के बाद एक बड़े फैसले क्यों ले रहे हो? इसकी जरूरत क्या है?
  • CAA से हिंदुओं, सिखों और ईसाइयों को नागरिकता का अधिकार कितने साल बाद मिला? 70 साल बाद। शहीद जवानों के लिए देश में नेशनल वॉर मेमोरियल कितने साल बाद बना? 50-60 साल बाद के बाद बना। 
  • 84 के सिख नरसंहार में दोषियों को सज़ा कितने साल बाद मिली? 34 साल बाद। वायुसेना को नेक्स्ट जेनरेशन लड़ाकू विमान कितने साल बाद मिला? 35 साल बाद। बेनामी संपत्ति कानून कितने साल बाद लागू हुआ? 28 साल बाद। 
  • शत्रु संपत्ति कानून कितने साल बाद लागू हुआ? 50 साल के बाद। बोडो आंदोलन के समाधान वाला समझौता कितने साल बाद हुआ? 50 साल के बाद। पूर्व सैनिकों को OROP का लाभ कितने साल बाद मिला?
  • पहले की सरकारों ने कैसे-कैसे देश को उलझाकर रखा था। ये फैसले पहले भी लिए जा सकते थे, ये समस्याएं पहले भी सुलझाई जा सकती थीं। लेकिन जब स्वार्थ नीति ही राजनीति का आधार हो, तो फैसले टलते भी हैं और अटकते भी हैं।
  • पहली बार, 50 करोड़ गरीबों को 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिली। पहली बार, 10 करोड़ गरीब परिवारों तक टॉयलेट की सुविधा पहुंची। पहली बार, 8 करोड़ गरीब बहनों की रसोई में गैस का मुफ्त कनेक्शन पहुंचा।
  • पहली बार, देश को लोकपाल भी मिला। देश के लोगों को तो लोकपाल मिल गया, लेकिन दिल्ली के लोग आज भी इंतजार कर रहे हैं। इतना बड़ा आंदोलन और इतनी बड़ी-बड़ी बातें की गई थींं, उन सबका क्या हुआ?
  • शनिवार को जो बजट आया है, वो इस साल के लिए ही नहीं बल्कि इस पूरे दशक को दिशा देने वाला है। इस बजट का लाभ दिल्ली के नौजवानों, व्यापारियों, मध्यम वर्ग, निम्म मध्यम वर्ग, गरीबों और यहां की महिलाओं, सभी को होगा। 
  • बजट में युवाओं के रोजगार से जुड़े एक बड़े रिफॉर्म का ऐलान किया गया है। ये रिफॉर्म है- नॉन गैजेटेड सरकारी नौकरियों में अलग-अलग एग्ज़ाम की परेशानी से युवाओं को मुक्ति दिलाना।
  • भाजपा का हमेशा से प्रयास रहा है कि व्यापारियों की दिक्कतें कम हों, उनकी परेशानी कम हो और वो खुलकर अपना काम कर पाएं।
  • अभी तक 1 करोड़ रुपए तक के टर्नओवर वाले लघु उद्योगों और व्यापारियों को ऑडिट कराना पड़ता था। अब इस सीमा को 5 करोड़ रुपए तक बढ़ा दिया गया है। ये सरकार का देश के उद्यमियों और दिल्ली के लाखों व्यापारियों-कारोबारियों पर विश्वास का जीता-जागता उदाहरण है। 
  • अभी तक 1 करोड़ रुपए तक के टर्नओवर वाले लघु उद्योगों और व्यापारियों को ऑडिट कराना पड़ता था। अब इस सीमा को 5 करोड़ रुपये तक बढ़ा दिया गया है। ये सरकार का देश के उद्यमियों और दिल्ली के लाखों व्यापारियों-कारोबारियों पर विश्वास का जीता-जागता उदाहरण है।
  • हम बैंकों को मजबूत कर रहे हैं, बैंकों की सेवाओं को देश के लोगों के लिए और सुविधाजनक बना रहे हैं। बैंकों में जमा आपके पैसे को अधिक सुरक्षा देने के लिए डिपॉजिट पर गारंटी को एक लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपए किया गया है। 
  • जीएसटी ने व्यापारियों को अनेक तरह के टैक्सों के जाल से बचाया है। GST ने बहुत सारी चुंगियां और चेकपोस्ट खत्म कर दिए हैं। अब हरियाणा या यूपी सामान भेजना हो या वहां से मंगवाना हो, दिल्ली के व्यापारियों की दिक्कतें कम हुई हैं।
  • अफसोस है कि दिल्ली के लोगों के साथ स्वास्थ्य जैसे गंभीर विषय में भी राजनीति की गई है। दिल्ली में आयुष्मान भारत योजना को लागू ही नहीं होने दिया जा रहा।
  • दिल्ली के केंद्र सरकार के अस्पतालों में गरीबों का 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज हो सकता है, लेकिन राज्य सरकार के अस्पतालों में नहीं। दिल्ली के गरीब और मध्यम वर्ग से ऐसी क्या दिक्कत है? क्या राजनीति, मानवता से भी बड़ी हो गई है? 
  • बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश बाबू कल कह रहे थे कि पटना से आने वाली बसों को दिल्ली में आने की अनुमति देने से ही मना कर दिया गया है। बिहार के लोगों के लिए, पूर्वांचल के लोगों के लिए ये कैसा पूर्वाग्रह है, जो इस तरह के फैसले करवाता है? 
  • दिल्ली हो या देश का कोई दूसरा कोना, बिहार के लोग हर क्षेत्र में सर्वोत्तम करते मिलेंगे। लेकिन उनसे भी ऐसी नफरत हो रही है। बिहार और पूर्वांचल के लोगों के लिए ऐसी दुर्भावना देखकर, दर्द होता है दिल में। 

 


भाजपा नेताओं का केजरीवाल पर निशाना 

इससे पहले भाजपा नेताओं ने मंच से अपना भाषण दिया। सांसद गौतम गंभीर ने कहा कि काम हमने किया, केजरीवाल ने 130 शराब के ठेके खोले, ठेके खोलने में स्कूल खोलना भूल गए। वहीं विजय गोयल ने कहा कि राष्ट्रवाद जीतेगा, शाहीन बाग हारेगा। यह दिल्ली ही नहीं, देश का भी चुनाव है। पीएम मोदी ने कश्मीर का दिल जीता, तीन तलाक खत्म किया, सीएए लाए, वहीं ये लोग जाकर शाहीन बाग में बैठ गए।


केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि एक लाख करोड़ रुपये के काम दिल्ली में सरकार न होते हुए भी किया। 22 हजार करोड़ रुपये से प्रगति मैदान में विकास कार्य चल रहा है। 9 अरब 16 करोड़ रुपये की लागत से सुरंग बन रही है। आईटीओ का जाम हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। ईस्टर्न, वेस्टर्न रेलवे बनाया। दिल्ली मुंबई हाईवे 16 लेन बना रहे हैं। द्वारका में कन्वेंशन सेंटर बन रहा है।

वहीं, श्याम जाजू ने कहा कि टुकड़े टुकड़े गैंग के समर्थक और देशभक्त समर्थक आपके सामने हैं, चुनाव आपको करना है।


पीएम मोदी की रेैलियां


अगले दो दिनों में चार संसदीय क्षेत्रों के मतदाताओं और कार्यकर्ताओं से भी मोदी संपर्क साधेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की चुनावी सभाओं से भाजपा ने जमीन तैयार की है। अब इसे पुख्ता करने में प्रधानमंत्री मोदी की जनसभा महत्वपूर्ण साबित होगी। 

दिल्ली विधानसभा का चुनाव प्रचार अब अपने अंतिम दौर में है। बीते दो हफ्ते में राजधानी के सियासी परिस्थितियों में अचानक आए बदलाव ने सियासी समीकरण को उलझा कर रख दिया है। अंतिम दौर में बदली परिस्थितियों में सभी दल अपनी अपनी रणनीति में बदलाव पर मजबूर हुए हैं। आप का चेहरा अरविंद केजरीवाल विक्टिम कार्ड खेल रह हैं  तो भाजपा पहले की तुलना में ज्यादा आक्रामक हुई है। अब तक शांत दिख रही कांग्रेस ने भी अचानक तेवर दिखाने शुरू किए हैं।

अब जबकि चुनाव प्रचार खत्म होने में महज 96 घंटे बचे हैं, तब सियासी दलों ने चुनाव प्रचार तेज करते हुए बदली सियासी परिस्थितियों में अपनी रणनीति का नए सिरे से आकलन शुरू किया है।

ऐसे में यानी चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में प्रधानमंत्री मोदी की पहली सभा पूर्वी दिल्ली में आयोजित हुई। दूसरी तरफ, कांग्रेस का शिखर नेतृत्व भी मंगलवार से दिल्ली के प्रचार में उतरने वाला है। राहुल गांधी कल से जंगपुरा से तरविंदर सिंह मारवाह के समर्थन में चुनाव प्रचार का आगाज करेंगे। अगले दिन यानी 5 फरवरी को सोनिया गांधी भी दिल्ली में प्रचार करने वाली हैं। 

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