फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Prime Minister Modi himself took command of Delhi.

दिल्ली में जीत के बाजीगर ने संभाली कमान

Tue, 13 Jan 2015 04:18 PM IST
Updated Tue, 13 Jan 2015 04:18 PM IST
विज्ञापन
Prime Minister Modi himself took command of Delhi.

लोकसभा चुनाव और उसके बाद महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में भाजपा को सफलता दिलाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब दिल्ली की भी कमान संभाल ली है। पिछले 16 साल से दिल्ली की गद्दी और भाजपा के बीच बनी दूरी को पाटने की चुनौती पीएम ने खुद आगे बढ़कर स्वीकार की है।

विज्ञापन


दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों की अहमियत को समझते हुए विपक्ष को पछाड़ने के लिए खुद मोदी रण में उतरे हैं। साथ ही चुनाव की रणनीति की कमान उनके बेहद करीबी भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के हाथों में है।
विज्ञापन


पीएम मोदी के बढ़े आत्मविश्वास के चलते ही चुनावी समर से भाजपा के बडे़-बडे़ चेहरे बाहर हैं। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज दिल्ली की सियासी सीन से ही ओझल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


साथ ही राजधानी के कामकाज से सबसे ज्यादा वास्ता रखने वाले गृह मंत्री राजनाथ सिंह का नाम पीएम मोदी को दिल्ली के दंगल में याद ही नहीं रहा। यही नहीं वित्त मंत्री अरुण जेटली की भी उन्हें देर से याद आई है।

सबकुछ मोदीनीति के आधार पर

Prime Minister Modi himself took command of Delhi.

रामलीला मैदान में हुई रैली में मोदी ने वेंकैया नायडू समेत तमाम मंत्रियों का गुणगान किया लेकिन जेटली का नाम उनकी जुबान से गायब रहा।

हालांकि पीएम मोदी को गलती का अहसास हुआ और चुनाव के ऐलान से चंद घंटे पहले उन्होंने ट्वीट कर जेटली की तारीफ की। वहीं दूसरी ओर दिल्ली के स्थानीय चेहरे विजय गोयल, आरती मेहरा, विजय कुमार मल्होत्रा और विजेंद्र गुप्ता सरीखे नेताओं को कोई भाव ही नहीं दिया जा रहा है।

आलम यह है कि पिछले साल विधानसभा चुनाव में पार्टी का चेहरा रहे हर्षवर्धन भी सीन से गायब हैं। अब ऐसे में लग रहा है कि दिल्ली की चुनावी बिसात मोदी के इशारों पर ही रची जानी है।

मिशन 60 के लिए भाजपा की आक्रामक रणनीति

Prime Minister Modi himself took command of Delhi.

भाजपा की चुनावी रणनीति मोदी, अमित शाह के अलावा राज्य भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय के बीच ही केंद्रित है। बताया जा रहा है कि दिल्ली के मिशन 60 को हासिल करने के लिए भाजपा आक्रामक रणनीति अपनाएगी।

पीएम मोदी ने पार्टी की पुरानी रणनीति को उलटते हुए आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के खिलाफ बेहद आक्रामक रवैया अपनाया है। मोदी की सियासी रणनीति में आक्रामकता ही बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। इसकी झलक मोदी ने शनिवार को रामलीला मैदान से दिखा भी दी।

मोदी लहर के अलावा भाजपा की उम्मीद जमीन पर पूर्णकालिक नेताओं के सहारे है। चुनाव अधिसूचना से पहले ही भाजपा ने हर विधानसभा स्तर पर एक पूर्णकालिक कार्यकर्ता को बाहर से लगा दिया है। ये कार्यकर्ता ही बूथ समिति से लेकर पन्ना के प्रमुखों की बैठक कर रणनीति को अंजाम दे रहे हैं। मकर संक्रांति के बाद देशभर से अन्य भाजपा कार्यकर्ता भी दिल्ली में आकर डेरा डालेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed