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Delhi NCR News: फरीदाबाद के लिए ग्रेटर फरीदाबाद टाउनशिप घोटाले का मुख्य आरोपी सात साल बाद गिरफ्तार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jun 2026 06:34 PM IST
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-आर्थिक अपराध शाखा ने फरीदाबाद से किया गिरफ्तार, 2019 में अदालत के निर्देश पर शाखा ने नौ मामले दर्ज किए थे
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-फ्लैट और प्लॉट देने का झांसा देकर आरोपियों ने करोड़ों रुपये की ठगी कर हो गए थे फरार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
आर्थिक अपराध शाखा ने हरियाणा के ग्रेटर फरीदाबाद स्थित गांव तिलोरी खादर में कृष्ण कुंज टाउनशिप नाम के आवासीय परियोजना में फ्लैट देने का झांसा देकर कई निवेशकों से लाखों की ठगी करने वाले एक भगोड़े आरोपी को सात साल बाद गिरफ्तार किया है। 2019 में मामला दर्ज होने के बाद से आरोपी फरार था, जिसे पुलिस ने तकनीकी जांच कर फरीदाबाद से गिरफ्तार किया। आरोपी की पहचान शिव नंदन सिंह यादव के रूप में हुई है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
शाखा के पुलिस उपायुक्त सुबोध कुमार गोस्वामी ने बताया कि 2019 में कड़कड़डूमा कोर्ट के मुख्य महानगर दंडाधिकारी के निर्देश पर आर्थिक अपराध शाखा ने कई पीड़ितों की शिकायत पर नौ मामले दर्ज किए थे। जिसमें पीड़ितों ने आरोप लगाया कि जीआरपीएल ग्लोब रियालटी प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी ने 2013 में हरियाणा के ग्रेटर फरीदाबाद स्थित ग्राम तिलोरी खादर में कृष्ण कुंज टाउनशिप नाम का आवासीय परियोजना शुरू की थी। उन्होंने आवासीय प्लॉट खरीदने के लिए लोगों से इसमें करोड़ों रुपये का निवेश करवाया। लेकिन तय सीमा पर कंपनी ने अपना वादा पूरा नहीं किया। लोगों को फ्लैट और प्लॉट नहीं मिले। पैसे मिलने के बाद आरोपी भाग गए। शाखा ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
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जांच में पता चला कि कंपनी ने आकर्षक विज्ञापनों, भ्रामक आश्वासनों और एक विकसित आवासीय टाउनशिप का सपना दिखाकर लोगों को आवासीय प्लॉट खरीदने के लिए कंपनी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। इस परियोजना में लगभग 10.26 एकड़ भूमि पर 496 आवासीय प्लॉट विकसित किए जाने का दावा किया गया था। साथ ही पुलिस को जांच में पता चला कि आरोपी कंपनी एवं उसके निदेशकों ने परियोजना के संबंध में तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया। प्रस्तावित टाउनशिप के विकास हेतु उनके पास पर्याप्त वैध भूमि उपलब्ध नहीं थी। निवेशकों से बड़ी मात्रा में धनराशि हासिल करने के बाद न तो वादा किए गए प्लॉट प्रदान किए और न ही निवेश की गई राशि वापस की। वह परियोजना को अधूरा छोड़कर फरार हो गए। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले का मुख्य आरोपी शिव नंदन सिंह यादव 2019 से ही फरार चल रहा था। वह गिरफ्तारी से बच रहा था। 2023 में अदालत ने उसे सभी नौ मामलों में भगोड़ा घोषित कर दिया। शाखा टीम ने आरोपी की लगातार तलाश कर रही थी। इसी बीच पुलिस को तकनीकी जांच से आरोपी के फरीदाबाद में होने की जानकारी मिली, जहां से पुलिस ने 12 जून को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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